Shinde Shiv Sena
मुंबई, एजेंसियां। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव में बीजेपी और उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) ने बड़ी जीत दर्ज की है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाद बीएमसी मेयर पद को लेकर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिस पर शिंदे गुट ने अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है।
ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला मनगढ़ंत: शिंदे गुट
शिवसेना (शिंदे गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू वाघमरे ने साफ कहा है कि मेयर पद को लेकर ढाई-ढाई साल या महिला मेयर का कोई भी फॉर्मूला पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि बीएमसी में मेयर को लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आपसी सहमति से करेंगे। वाघमरे ने यह भी कहा कि शिंदे गुट की प्राथमिकता पद हासिल करना नहीं, बल्कि मुंबई की जनता की सेवा करना है।
संजय राउत पर तीखा हमला
राजू वाघमरे ने उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयानों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संजय राउत रोज नए-नए बयान देकर भ्रम फैलाने का काम करते हैं। वाघमरे ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति पर बेबुनियाद बयान देने के बजाय संजय राउत को ज्योतिषी का काम कर लेना चाहिए, ताकि कुछ तो फायदा हो सके।
पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का किया जिक्र
वाघमरे ने आगे कहा कि संजय राउत जिन लोगों पर भरोसा करते हैं, वही उनके लिए परेशानी का कारण बनते हैं। उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि यही संबंध उनके राजनीतिक नुकसान की वजह बने हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बालासाहेब ठाकरे के दौर में क्या हुआ, यह महाराष्ट्र की जनता अच्छी तरह जानती है।
विपक्ष पर बहानेबाजी का आरोप
शिंदे गुट के पतन के आरोपों को खारिज करते हुए वाघमरे ने कहा कि पार्टी के पास सात सांसद और 60 विधायक हैं और हालिया चुनाव में जनता ने फिर भरोसा जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष बहाने बनाता है और ईवीएम पर सवाल उठाता है। वाघमरे ने कहा कि राजनीति में उभार और पतन का फैसला बयानबाजी नहीं, बल्कि जनता के वोट करते हैं।

