Nepal Election 2026
काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में गुरुवार को आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। यह चुनाव देश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले साल सितंबर 2025 में हुए हिंसक आंदोलन के बाद पहली बार जनता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हो चुका है और शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। चुनाव में 1.89 करोड़ से अधिक मतदाता हिस्सा ले रहे हैं और 6500 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
Gen-Z आंदोलन के बाद पहली बड़ी परीक्षा
नेपाल में यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन ने देश की राजनीति को पूरी तरह हिला दिया था। इस आंदोलन के दौरान व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें करीब 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे।प्रदर्शनकारियों ने संसद और कई सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया था। बढ़ते दबाव के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन गई थी।
अंतरिम सरकार के बाद चुनाव की घोषणा
सरकार के गिरने के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था। अंतरिम सरकार के गठन के बाद संसद को भंग कर नए चुनाव कराने का फैसला लिया गया। अब इन्हीं चुनावों के जरिए नेपाल में नई सरकार का रास्ता तय होगा।
275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान
नेपाल में कुल 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें से 165 सीटों पर सीधे चुनाव के जरिए प्रतिनिधि चुने जाएंगे, जबकि बाकी सीटें राजनीतिक दलों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाएंगी।चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार चुनाव में 6500 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। देशभर में मतदान के लिए हजारों मतदान केंद्र बनाए गए हैं ताकि मतदाता आसानी से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। नेपाल आर्मी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तीन लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।वोटिंग खत्म होने के बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी। दूर-दराज के इलाकों से मतपेटियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की गई है।
बदलाव की उम्मीद लगाए युवा
नेपाल में इस बार के चुनाव में युवाओं की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है। खासकर Gen-Z युवा भ्रष्टाचार खत्म करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और बेहतर शासन की मांग कर रहे हैं।कई नए युवा नेता भी इस चुनाव में मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं, जबकि पुराने और अनुभवी नेता भी मैदान में हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता किसे सत्ता की कमान सौंपती है और देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।








