Bombay High Court:
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित फिल्म ‘अजेय’ को बॉम्बे हाई कोर्ट से रिलीज की अनुमति मिल गई है।
इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने 21 आपत्तियां जताई थीं और प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद फिल्म निर्माताओं ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने कहा: “फिल्म में कोई आपत्तिजनक बात नहीं”
बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने फिल्म को स्वयं देखकर फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो आपत्तिजनक हो। कोर्ट ने यह भी देखा कि डिस्क्लेमर स्पष्ट रूप से बताया गया है कि फिल्म एक ‘सिनेमैटिक अडॉप्शन’ है।
CBFC के आपत्तियों पर कोर्ट की तीखी प्रतिक्रिया
CBFC ने 21 बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वे सभी बिंदु फिल्म देखकर पहले ही देख चुके हैं और कोई समस्या नहीं पाई।CBFC ने दलील दी कि फिल्म से योगी आदित्यनाथ की छवि खराब हो सकती है, इस पर कोर्ट ने पूछा, “क्या आपने वह बुक पढ़ी है, जिस पर फिल्म आधारित है?”जवाब था – “नहीं”।कोर्ट ने कहा कि जब स्वयं योगी आदित्यनाथ ने उस पुस्तक को प्रमोट किया है, तो आपत्ति का कोई ठोस आधार नहीं है।
फिल्म की रचना और सेंसर बोर्ड की गाइडलाइंस
CBFC ने ‘डिसेंसी’ और ‘डिफेमेशन’ का मुद्दा उठाया। कोर्ट ने कहा कि फिल्म में कुछ भी ऐसा नहीं है जो किसी व्यक्ति की छवि को धूमिल करे।CBFC ने मद्रास हाई कोर्ट के एक केस का उदाहरण दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे मौजूदा मामले से असंबंधित माना।
संविधानिक अधिकार का हवाला देते हुए फिल्म निर्माताओं की दलील
फिल्म निर्माताओं ने कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी उनका संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म किसी की छवि बिगाड़ने के लिए नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक कहानी बताने के लिए बनाई गई है।
अब जल्द रिलीज होगी ‘अजेय’
कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं की याचिका को वैध और न्यायसंगत मानते हुए फिल्म को रिलीज की अनुमति दे दी है।
निर्माता अब कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर रिलीज डेट की घोषणा करेंगे।
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