CBSE single national board: क्या CBSE बनेगा देश का सिंगल नेशनल बोर्ड? संसद में शिक्षा मंत्रालय का बड़ा बयान

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CBSE single national board:

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तेजी से बढ़ते विस्तार और कई राज्यों द्वारा स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध कराने की प्रवृत्ति के बीच यह अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं कि क्या देश के राज्य शिक्षा बोर्डों को CBSE में मर्ज किया जा सकता है। इसी मसले पर लोकसभा में सवाल उठा, जिसका सरकार ने स्पष्ट जवाब दिया।

क्या पूछा गया था सवाल?

लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से लिखित सवाल पूछा गया कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत क्या CBSE और सभी स्टेट एजुकेशन बोर्डों को मर्ज करने की योजना है?
सवाल यह भी था कि क्या एक सिंगल नेशनल बोर्ड बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

सरकार का स्पष्ट जवाब मर्ज करने की कोई योजना नहीं

इस सवाल का जवाब देते हुए केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने स्पष्ट कर दिया कि

  • NEP 2020 में कहीं भी CBSE और राज्य बोर्डों का विलय करने की बात नहीं है।
  • सरकार का उद्देश्य सभी बोर्डों को अपनी-अपनी स्वायत्तता (Autonomy) बरकरार रखते हुए काम करने देना है।
    जयंत चौधरी ने सदन में बताया कि नई शिक्षा नीति में 5+3+3+4 शिक्षा ढांचा अपनाने की सलाह दी गई है, जो पुरानी 10+2 प्रणाली को रिप्लेस करेगा।उन्होंने कहा कि NEP का उद्देश्य केवल स्टैंडर्डाइजेशन और सीखने के स्तर में सुधार लाना है, न कि बोर्डों को एक करना।

हर बोर्ड को अपने अधिकार क्षेत्र में काम करने की अनुमति
मंत्री ने साफ कहा कि NEP का मकसद किसी भी बोर्ड की स्वतंत्रता खत्म करना नहीं है।

  • प्रत्येक राज्य बोर्ड और CBSE अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में काम करना जारी रखेंगे।
  • नीति का फोकस उम्र आधारित सीखने, करिकुलम अलाइनमेंट और मूल्यांकन सुधार पर है।

PARAKH: मूल्यांकन सुधारने के लिए राष्ट्रीय संस्था
सरकार ने बताया कि स्कूल मूल्यांकन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नेशनल असेसमेंट सेंटर ‘PARAKH’ बनाया गया है।
स्थापना: 8 फरवरी 2023

उद्देश्य:

  • देशभर के 60+ स्कूल बोर्डों के मूल्यांकन मानकों में सुधार
  • बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता (Credibility) बढ़ाना
  • सभी बोर्डों की स्वायत्तता का सम्मान रखते हुए लर्निंग स्टैंडर्ड्स एक समान करना
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