CBSE new rules 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 6 से 8वीं तक के सभी छात्रों के लिए स्किल एजुकेशन अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य है पारंपरिक विषयों के साथ-साथ बच्चों को व्यवहारिक और जीवन कौशल आधारित ज्ञान देना, ताकि वे वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
नई व्यवस्था के तहत:
नई व्यवस्था के तहत CBSE स्कूलों में छात्रों को पौधों की देखभाल, पालतू जानवरों की देखभाल, घरेलू मरम्मत कार्य, बेसिक इंजीनियरिंग टास्क, मॉडल बनाना, और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। ये सभी कौशल छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ हाथ से काम करने का अनुभव देंगे।स्किल एजुकेशन के लिए NCERT ने विशेष “स्किल बोध सीरीज” नामक किताबें तैयार की हैं, जो प्रिंट और डिजिटल दोनों प्रारूपों में उपलब्ध होंगी। शिक्षक भी इस नई शिक्षा प्रणाली के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, ताकि वे छात्रों को स्किल-बेस्ड सीखने में प्रभावी मार्गदर्शन दे सकें।
सीबीएसई ने एक स्पष्ट टाइमटेबल भी जारी किया:
सीबीएसई ने इसे समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एक स्पष्ट टाइमटेबल भी जारी किया है। कक्षा 6 से 8 तक प्रत्येक सप्ताह लगातार दो पीरियड सिर्फ स्किल एजुकेशन के लिए निर्धारित किए जाएंगे। तीन वर्षों में छात्रों को कुल नौ प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे, जिनमें लगभग 270 घंटे का प्रैक्टिकल कार्य शामिल होगा। साल में एक बार “स्किल मेला” भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र अपने प्रोजेक्ट और सीख का प्रदर्शन करेंगे।मूल्यांकन में भी बदलाव किए गए हैं। स्किल एजुकेशन का मूल्यांकन लिखित परीक्षा (10%), पोर्टफोलियो (10%), प्रेजेंटेशन/वाइवा (30%), एक्टिविटी बुक (30%) और शिक्षक अवलोकन (20%) के आधार पर किया जाएगा। इस नई पहल से छात्रों में न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता भी विकसित होगी।







