CBSE New guidelines 2025: 10वीं-12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए नई गाइडलाइंस और SOP जारी, स्कूलों को सख्त निर्देश

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CBSE New guidelines 2025:

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रैक्टिकल परीक्षाओं, प्रोजेक्ट व इंटरनल असेसमेंट को लेकर महत्वपूर्ण बदलावों के साथ नई गाइडलाइंस और SOPs जारी किए हैं। बोर्ड ने सभी स्कूलों को यह निर्देश दिया है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को पूरा करें, क्योंकि इस वर्ष बोर्ड चार अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन कर रहा है जिससे समय प्रबंधन बेहद आवश्यक हो गया है।

नई गाइडलाइंस के अनुसार:

नई गाइडलाइंस के अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट के अंक उसी दिन वेब पोर्टल पर अपलोड किए जाने होंगे और एक बार अपलोड होने के बाद किसी भी प्रकार का सुधार स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को गलतियां रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

प्रैक्टिकल आंसर बुक में नया फीचर:

सीबीएसई ने प्रैक्टिकल आंसर बुक में एक नया फीचर जोड़ा है, जिसके तहत इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों परीक्षकों को यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि सभी डेटा सही तरीके से अपलोड किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। नियमित सत्र वाले स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन 1 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, जबकि शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा 6 नवंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 के बीच पूरी की जाएगी। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इसी अवधि के अनुसार अपनी समयसारिणी तैयार करें और सुनिश्चित करें कि पूरी प्रक्रिया समय पर संपन्न हो।

बोर्ड के अनुसार:

रेगुलर छात्रों के लिए बोर्ड ने कहा है कि केवल उन विद्यार्थियों को ही प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट/असेसमेंट में अनुमति दी जाएगी जिनका नाम स्कूल द्वारा LOC में भेजा गया है। यदि किसी छात्र का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो स्कूल को तुरंत अपने क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि स्कूल सुनिश्चित करें कि परीक्षा में वास्तविक छात्र ही उपस्थित हो।

प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट से संबंधित मार्क्स CBSE की तय नीतियों और परीक्षा उपविधियों के अनुसार ही दिए जाएंगे। यदि किसी कारण प्रैक्टिकल दोबारा कराना आवश्यक होता है, तो यह प्रक्रिया भी बोर्ड की नीति के अनुरूप होगी। स्कूलों को सभी प्राइवेट विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से पूरी नीति समझाने के निर्देश दिए गए हैं। सीबीएसई का कहना है कि ये नए SOPs छात्रों के हितों, निष्पक्षता और परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक हैं, इसलिए स्कूलों को इनका पूर्ण पालन करना होगा।

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