रांची। राज्य के पुलिस मुखिया डीजीपी अनुराग गुप्ता अब महिलाओं और बच्चों के साथ हो रहे अपराध की घटनाओं की समीक्षा करेंगे। यह बैठक छह मार्च को होनी है।
इसमें जोनल आइजी, रेंज डीआइजी, एसएसपी और जिलों के एसपी शामिल होंगे। वहीं दूसरी ओर यह भी समीक्षा होगी कि बीएनएस की 61 धाराओं के तहत अब तक महिलाओं और बच्चों के मामले में क्या कार्रवाई थाने के स्तर से हुई है।
इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर कदम उठाना और लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई करना है।
जोनल आइजी और रेंज डीआइजी को दिये गये निर्देश
- तीन महीने से अधिक समय से लंबित सुपरविजन के लिए केस की स्थिति।
- ऐसे सभी मामले जिनमें अभियुक्तों के खिलाफ कांड सत्य हुआ है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
- अभियुक्तों की गिरफ्तारी की स्थिति, यदि गिरफ्तार नहीं हुए है तो उनके कारण।
- इन सभी 61 धाराओं में दर्ज ऑनलाइन प्राथमिकी और की गई कार्रवाई।
- सत्य पाये गये कांडों में पीड़ित मुआवजे के लिए की गई कार्रवाई और लंबित मामले।
- यदि पीड़िता एसटी या एससी श्रेणी में आती है, तो संबंधित क्षेत्र के तहत मुआवजे की कार्रवाई।
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