Two-headed snake smuggling:
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में दोमुंहा सांप की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में 5 आरोपी पकड़े गये हैं, जबकि मास्टर माइंड बताई जा रही एक महिला फरार हो गई।
ऐसे हुआ खुलासाः
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्यूसीसीबी) और पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने 1.2 किलो सांप का जहर और 2.5 किलो पैंगोलिन के शल्क के साथ तीन तस्करों राजू कुमार शौंडिक, मोहम्मद सिराज और उसके बेटे मोहम्मद मिराज को गिरफ्तार किया था। तीनों से मिली जानकारी के आधार पर शुक्रवार को पीटीआर और वन विभाग रांची की टीम ने रातू रोड के केसरी नारायणी होटल से एक रेड सैंड बोआ (दोमुंहा) सांप बरामद किया। इस मामले में 5 तस्करों को पकड़ा गया है।
इनमें लीमुल्लाह अंसारी, अफरोज खान और सूरज कुमार शामिल हैं। वहीं, सीता कुमारी, विष्णु लोहार, विपिन कुमार, मुन्ना खान व अमजद खान भाग निकले। फरार विपिन एटीएस में कांस्टेबल है। तस्करी गिरोह की मास्टरमाइंड कांके थाना क्षेत्र की एक महिला बताई जा रही है।
यूपी से लाते हैं दोमुंहा सांपः
तस्करों ने बताया कि दोमुंहा सांप यूपी से लाया गया था। इसे करीब एक करोड़ रुपए में बेचने की योजना थी।
बताया जाता है कि दोमुंहा सांप दुर्लभ है। यह सांप जहरीला नहीं होता। शांत स्वभाव का होता है और मिट्टी में रहने वाले कीड़ों और छोटे जीवों को खाता है। 1972 में केंद्र सरकार ने इसे संरक्षित श्रेणी में रखा है।
दुनिया के कई देशों में लोग इसे पालतू जानवरों की तरह रखते हैं। इसके पीछे अंधविश्वास है। कहा जाता है कि इसे घर में रखने से घर में खुशहाली रहती है। बीमारियां दूर-दूर तक नहीं फटकतीं। इनका इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं के लिए किया जाता है। प्राचीन मान्यिताओं के कारण इनकी तस्करी होती है।








