Congress on the streets:
रांची। वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है। अब इसे लेकर झारखंड के कांग्रेसी भी सड़क पर उतर आये हैं। इसकी शुरुआत 14 को अगस्त को कैंडल मार्च से की जा रही है।
कब-कब क्या हुआः
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। 7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक की एक विधानसभा सीट से मिले सबूतों के आधार पर चुनावी अनियमितताओं का खुलासा किया। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी स्तर पर धांधली की जा रही है।
8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में बेंगलुरु में एक बड़ी विरोध रैली आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा की कथित मिलीभगत को उजागर किया। इंडिया गठबंधन ने इस मुद्दे को संसद और सड़कों पर उठाते हुए 11 अगस्त को चुनाव आयोग तक मार्च किया, लेकिन पुलिस ने सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कार्रवाई बताया।
कव क्या होगाः
प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस तीन चरणों में राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है:
- 14 अगस्त 2025 – ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ कैंडल मार्च
इसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर शाम 6 बजे से वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। - 22 अगस्त से 7 सितंबर 2025 – राज्यस्तरीय रैलियाँ
राजधानी रांची सहित प्रमुख स्थानों पर बड़ी रैलियाँ होंगी। इनका नेतृत्व राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता करेंगे। इन रैलियों से पहले पदयात्रा, वाहन रैली और सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंपर्क किया जाएगा। - 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2025 – ‘हस्ताक्षर अभियान’
इस चरण में 5 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे। यह अभियान घर-घर और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जाएगा, जिसका नेतृत्व जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर के पार्टी पदाधिकारी करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने दिया ये निर्देशः
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे इस अभियान में नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रत्येक जिले में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे और सभी गतिविधियाँ योजनाबद्ध ढंग से संचालित होंगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह अभियान सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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