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नई दिल्ली, एजेंसियां। कैल्शियम हमारे शरीर का एक बेहद जरूरी मिनरल है, जो न केवल हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, बल्कि मांसपेशियों, हृदय और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्यों के लिए भी आवश्यक होता है। शरीर में कैल्शियम की 99% मात्रा हड्डियों व दांतों में मौजूद होती है। लेकिन जब इसकी कमी होती है, तो सबसे पहले असर हड्डियों और दांतों पर दिखाई देता है – हड्डियों में दर्द, फ्रैक्चर, दांतों में सड़न, मांसपेशियों में ऐंठन आदि।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कैल्शियम की कमी सिर्फ खराब डाइट से नहीं, बल्कि कुछ बीमारियों से भी हो सकती है।
कैल्शियम की कमी के प्रमुख कारण बनने वाली बीमारियां:
हाइपोपैराथायराइडिज़्म – यह स्थिति तब होती है जब शरीर पर्याप्त पैराथॉर्मोन नहीं बनाता, जिससे कैल्शियम लेवल गिरता है।
विटामिन D की कमी – कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालती है।
क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) – किडनी कैल्शियम-फॉस्फोरस बैलेंस को बिगाड़ देती है।
पैनक्रियाटाइटिस – फैट से कैल्शियम जुड़कर अवशोषण रोकता है।
सिलिएक और क्रोन्स डिजीज – आंतों की बीमारियां पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित करती हैं।
कीमोथेरेपी जैसी दवाएं – लंबे समय तक उपयोग से कैल्शियम की कमी हो सकती है।
बचाव के उपाय:
दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स लें
धूप से विटामिन D प्राप्त करें
समय-समय पर कैल्शियम टेस्ट कराएं
शराब, धूम्रपान, और कैफीन से दूरी बनाएं
पर्याप्त पानी पिएं
कैल्शियम की कमी को नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, इसलिए जागरूक रहना जरूरी है।
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