Gold sliver price: सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी 2.70 लाख के पार

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Gold sliver price

नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। चांदी की कीमत में जहां भारी बढ़ोतरी हुई है, वहीं सोना भी नए ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गया है।

चांदी में बड़ी छलांग

सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में गुरुवार को करीब 4,560 रुपये की तेजी देखी गई। इस बढ़ोतरी के साथ चांदी का भाव बढ़कर लगभग 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक बाजारों में तेजी के कारण चांदी की कीमतों में यह उछाल दर्ज किया गया है।

सोना 1.62 लाख रुपये के करीब

सोने की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली। सोना करीब 830 रुपये महंगा होकर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आती है।

वैश्विक बाजारों में भी तेजी

एशियाई कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड करीब एक प्रतिशत बढ़कर 5,187 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी आई और इसकी कीमत 85.12 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

क्यों बढ़ रही सुरक्षित निवेश की मांग

कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य संघर्ष है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं ईरान भी मिसाइल हमलों के जरिए जवाब दे रहा है। इस संघर्ष के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

डॉलर में कमजोरी का भी असर

इस बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट भी सोने-चांदी की कीमतों को समर्थन दे रही है। डॉलर इंडेक्स लगभग 98 के स्तर तक फिसल गया है, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटी विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गई हैं।

फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर टिकी है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व इस साल दो बार ब्याज दरों में 25-25 आधार अंक की कटौती कर सकता है। हालांकि अगली दर कटौती जुलाई के बजाय सितंबर में होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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