Gold Sliver Price: सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल, सोना 1.61 लाख रुपये और चांदी 2.68 लाख के पार

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Gold Sliver Price

नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग में तेजी आने से सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। शुक्रवार को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में 5,800 रुपये से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सोने का भाव भी मजबूत हुआ। ताजा आंकड़ों के अनुसार चांदी 5,860 रुपये महंगी होकर 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत 980 रुपये की बढ़त के साथ 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे निवेशक

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में सोना और चांदी को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिसके चलते इनकी मांग बढ़ जाती है। इसी कारण पिछले कुछ दिनों से दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

पिछले दिन आई थी बड़ी गिरावट

गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सोने की कीमत 7,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गई थी, जिसके बाद 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। वहीं चांदी की कीमतों में और भी बड़ा झटका लगा था और यह 27,700 रुपये या करीब 9.23 प्रतिशत गिरकर 2,72,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। इसके बाद शुक्रवार को बाजार में फिर से तेजी देखने को मिली।

वैश्विक बाजारों में भी हल्की मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में हल्की मजबूती दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग स्थिर रहते हुए 5,076.09 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही। वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 5,084.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसके अलावा स्पॉट सिल्वर की कीमत भी 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 82.26 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

इस साल सोने में 18 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

वर्ष 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोना लगातार नए रिकॉर्ड स्तर छू रहा है। इसी के साथ डॉलर इंडेक्स में गिरावट भी देखने को मिली है, जिससे अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले निवेशकों के लिए डॉलर में कीमत तय होने वाली बुलियन धातुएं अपेक्षाकृत सस्ती हो गई हैं।

पश्चिम एशिया का तनाव बना प्रमुख कारण

भू-राजनीतिक स्थिति भी बाजार को प्रभावित कर रही है। हाल ही में ईरान ने इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात और कतर पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के रक्षा अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए उनके पास पर्याप्त हथियार मौजूद हैं। इन परिस्थितियों के चलते निवेशक सतर्क हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ रही है।

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