पटना, एजेंसियां। बीपीएससी टीआरई पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस परीक्षा का प्रश्न पत्र पेन ड्राइव के जरिए लीक हुआ था। इतना ही नहीं, लीक मामले में शामिल माफियाओं ने छात्रों से 10-10 लाख रुपये में सौदा किया था और उनसे पैसे पहले ही ले लिये गये थे।
यह खुलासा बिहार पुलिस ने किया है। बिहार पुलिस फिलहाल गिरफ्तार पांच मास्टर माइड सरगनाओं से पूछताछ कर रही है। इन्हें एक दिन पहले ही झारखंड के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया था।
इसके साथ ही बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की जांच में खुलासा हुआ है कि बीपीएससी द्वारा आयोजित फेज तीन की अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (BPSC TRE) का प्रश्न पत्र परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक कराये गये थे।
इसमें बीपीएससी के कुछ कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। इस एंगल पर भी जांच शुरू हो गई है। जो प्रश्न पत्र इस रैकेट को मिले थे, उसे इओयू ने हूबहू सही पाया है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि एक व्यक्ति ने उनको शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन–ड्राइव में 14 मार्च को ही उपलब्ध करा दिया था। इस प्रश्न पत्र के कई प्रिंट निकाल अभ्यर्थियों को अलग–अलग समूहों में उत्तर याद करवाने के लिए उपलब्ध कराया गया था।
परीक्षा रद्द करने की तैयार
छापामारी एवं प्रारंभिक पूछताछ के बाद इओयू के पदाधिकारियों ने उक्त प्रश्न पत्र को परीक्षा के बाद बीपीएससी के कार्यालय से प्राप्त प्रश्न पत्र की प्रति से मिलान भी कराया।
प्रश्न पत्र के हूबहू सही पाये जाने से यह प्रमाणित हो गया कि 15 मार्च को बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र किसी स्तर से परीक्षा ही गिरोह के सदस्यों द्वारा प्राप्त कर लिया गया था।
इओयू की इस रिपोर्ट के बाद अब बीपीएससी के स्तर पर परीक्षा को रद्द किया जा सकता है।
ऐसे हुआ खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई से मिली जानकारी के मुताबिक बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण (BPSC TRE -3) की 15 मार्च को होने वाली परीक्षा से दो दिन पहले 13 मार्च ही उनको कई सूत्रों से गुप्त सूचना प्राप्त हुई।
सूत्रों ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व ही प्रश्न पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में दस–दस लाख रुपये अभियुक्तों द्वारा लिया जा रहा है।
इसे देखते हुए बिहार इओयू ने 14 मार्च को एक विशेष जांच टीम गठित की। इस टीम ने छापामारी के क्रम में प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पटना स्थित करबिगहिया क्षेत्र से शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के साथ पकड़ा।
उसके पास से बहुत सारे दस्तावेज जब्त किये गये। गिरफ्तार किये गये अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए इओयू कार्यालय लाया गया।
पूछताछ के दौरान उनलोगों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों को कई स्कॉर्पियो गाड़ी एवं बस से लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाने हेतु झारखंड ले जाया गया है।
झारखंड में हुई कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने 15 मार्च को सुबह पांच बजे से ही झारखंड पुलिस की सहायता से हजारीबाग स्थित कुर्रा, पदमा एवं बरही स्थित होटल कोहिनूर एवं मैरेज हॉल में छापामारी की।
यहां पर लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाने के लिए सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी एकत्रित हुए थे। उनमें से लगभग 270 अभ्यर्थियों और संगठित गिरोह के सदस्यों से परीक्षा के संबंध में पूछताछ की गयी।
इस रैकेट के सदस्यों ने पूछताछ के क्रम में बताया कि एक अन्य अभियुक्त द्वारा उनको शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन ड्राइव में 14 मार्च को ही उपलब्ध करा दिया गया था। छापामारी के दौरान गिरोह के सदस्यों के पास से शिक्षक भर्ती के तृतीय चरण के परीक्षा से संबंधित विभिन्न प्रश्न पत्र प्राप्त हुये। उन्हें जब्त कर लिया गया है।
हजारीबाग में मिले ये सबूत
गिरोह के सदस्यों एवं उनके मेल में आये अभ्यर्थियों के पास से शिक्षक भर्ती परीक्षा से संबंधित विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जुड़े विभिन्न पालियों के प्रवेश पत्र, अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक, 50 हजार रुपये, लगभग 50 मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव आदि भी बरामद किया गया है।
इओयू ने बताया कि अभी तक की जांच एवं अनुसंधान से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि संगठित गिरोह के मेल में आकर अभ्यर्थी लाभान्वित होकर गैर कानूनी तरीके से परीक्षा में उत्तीर्ण होना चाहते थे।
साथ ही यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि अभ्यार्थियों से प्रति अभ्यर्थी दस लाख रुपये लेकर उन्हें परीक्षा पूर्व प्रश्न पत्र उत्तर सहित उपलब्ध कराया गया। जिसका अभिलेखीय साक्ष्य पाया गया है। कांड की मॉनिटरिंग ऊपरी स्तर पर की जा रही है।
इस संबंध में पटना के इओयू थाना में विभिन्न धाराओं में कांड संख्या–06/24 दर्ज करते हुए अग्रतर अनुसंधान एवं विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
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