Budget 2026
पटना, एजेंसियां। केंद्र सरकार के बजट 2026 को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इसे गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी बताते हुए कहा कि यह आम आदमी को राहत देने के बजाय उस पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला बजट है। RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सवाल उठाया कि जब देश के स्कूल, अस्पताल और किसान उपेक्षित हैं, तो ‘विकसित भारत’ का सपना कैसे पूरा होगा।
शक्ति यादव ने कहा
शक्ति यादव ने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई, जबकि शेयर बाजार निवेशकों पर STT बढ़ाकर बोझ डाला गया। उनका दावा है कि बजट के बाद सेंसेक्स में आई भारी गिरावट आम जन-असंतोष का संकेत है।
RJD ने सरकार को घेरते हुए कहा
किसानों के मुद्दे पर RJD ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बजट में MSP, खाद की कीमतों और खेतिहर मजदूरों के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जानवरों के लिए योजनाएं हैं, लेकिन ‘अन्नदाता’ के लिए नहीं।
आरजेडी का आरोप
आरजेडी ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता से इनकम टैक्स और GST के जरिए ज्यादा वसूली कर रही है, जबकि कॉरपोरेट को राहत दी जा रही है। पार्टी के मुताबिक, आज सरकारी राजस्व में आम जनता का योगदान 36% तक पहुंच गया है, जबकि कॉरपोरेट का हिस्सा 18% रह गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाते हुए RJD ने कोठारी आयोग का हवाला दिया। पार्टी ने कहा कि आयोग की 60 साल पुरानी सिफारिश—शिक्षा पर GDP का 6% खर्च—आज भी पूरी नहीं हुई। शिक्षा बजट 3% से नीचे और स्वास्थ्य खर्च 2% के आसपास अटका है।
इसके अलावा, शहरी विकास बजट में 11.6% कटौती, प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित राशि के उपयोग में कमी और रोजगार सृजन के ठोस उपायों के अभाव को लेकर भी RJD ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन बजट में इसका समाधान नजर नहीं आता।
