Bird flu in Bihar
पटना, एजेंसियां। बिहार के दरभंगा और भागलपुर (नवगछिया) में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के बाद पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए जू प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं और पूरे परिसर में सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है।
प्रवेश द्वार पर जांच सख्त
संक्रमण को रोकने के लिए जू के सभी प्रवेश द्वारों पर विशेष सैनिटाइजेशन व्यवस्था लागू की गई है। अब पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को पोटेशियम परमैग्नेट के घोल से सैनिटाइज करने के बाद ही जू परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
पशु-पक्षियों के आहार में बदलाव
बर्ड फ्लू की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए जानवरों और पक्षियों के आहार में बड़ा बदलाव किया गया है। एवियरी सेक्शन में मांसाहारी पक्षियों को अब चिकन के बजाय चूहे खिलाए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य मांसाहारी जानवरों के भोजन से भी चिकन को पूरी तरह हटा दिया गया है और वैकल्पिक आहार शामिल किया गया है।
कर्मचारियों के लिए सख्त नियम
जू परिसर, खासकर पक्षियों के बाड़ों के आसपास रोजाना चूना और पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए मास्क, दस्ताने और विशेष ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही बाड़ों से बाहर निकलने के बाद स्वयं को पूरी तरह सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं।
2018 में छह मोर की मौत
गौरतलब है कि दिसंबर 2018 में बर्ड फ्लू के कारण पटना जू में छह मोरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद चिड़ियाघर को करीब 20 दिनों तक बंद करना पड़ा था। उसी अनुभव से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन पहले से कहीं ज्यादा सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
