पटना, एजेंसियां। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में शराबबंदी पर नया सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खास सलाह दी है।
वैसे तो मांझी ने शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार के प्रयासों की सराहना की । लेकिन उन्होंने नीतीश कुमार को इस मसले पर गंभीर चिंतन करने को भी कहा।
मांझी ने कहा कि शराबबंदी कानून के बारे में हम हमेशा कहते रहे हैं कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम सबने मिलकर शराबबंदी कानून बनाया है। हम इसे बुरा क्यों कहेंगे? लेकिन इसके कामकाज में अनियमितताएं हैं।
गरीब लोग भी अगर थोड़ा सा भी शराब पीते हैं तो उन्हें जेल भेज दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ हजारों-लाखों लीटर शराब की तस्करी करने वाले छूट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में तीन बार समीक्षा की गयी है। नीतीश कुमार को चौथी बार समीक्षा करने की जरूरत है।
जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार एक यथार्थवादी व्यक्ति हैं। वह इन मामलों को गंभीरता से लें कि इसमें कितने गरीब प्रताड़ित हैं।
करीब साढ़े चार लाख गरीब लोग विभिन्न प्रकार के मामलों में जेल में बंद हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
साथ ही मांझी ने इंडी अलायंस के घटक दलों की मंशा को लेकर सवाल खड़े किये। तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार सुषुप्त अवस्था वाले तंज पर पूछे गये सवाल पर मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव सपना देख रहे हैं।
कोई रात में सपना देखता है तो कोई दिन में सपना देख रहा है। उन्हें सपना देखते रहने दीजिए।
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