Ghatsila Bihar Election ends: घाटशिला और बिहार में थमा चुनाव प्रचार, प्रत्याशी लगा रहे अंतिम जोर

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Ghatsila Bihar Election ends: घाटशिला/पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का शोर थम गया

Ghatsila Bihar Election ends:

घाटशिला/पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का शोर थम गया है । अब 11 नवंबर को राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा, जबकि परिणाम 14 नवंबर को आएंगे। बता दे पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 65 प्रतिशत मतदान के बाद दूसरे चरण में भी मतदाताओं के उत्साह से बंपर वोटिंग की उम्मीद जताई जा रही है।

दूसरे चरण में कितने जिले है शामिल?

दूसरे चरण में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास जिलों में वोट डाले जाएंगे। इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कई मंत्री मैदान में हैं जिनमें बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), रेणु देवी (बेतिया), लेशी सिंह (धमदाहा) और जमा खान (चैनपुर) से शामिल हैं।
वहीं महागठबंधन की ओर से राजद के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और भाकपा (माले) के नेता महबूब आलम जैसे दिग्गज अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।राजनीतिक समीकरण की बात करें तो एनडीए में भाजपा 53, जदयू 44, लोजपा (रामविलास) 15, रालोमो 4 और हम 6 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं महागठबंधन में राजद 72, कांग्रेस 37 और वीआईपी 10 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव:

इधर झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए भी चुनाव प्रचार थम चूका है । अब मंगलवार, 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।

चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार:

चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार अब कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधि नहीं कर सकेगा।इस उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन असल में कांटे की टक्कर बीजेपी के बाबूलाल सोरेन और jmm के सोमेश सोरेन के बीच देखने को मिल रही है। जिला

निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने बताया:

निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि सभी 300 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। सीआरपीएफ की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं और 186 मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। 30 माइक्रो ऑब्जर्वर मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। सोमवार को को-ऑपरेटिव कॉलेज डिस्पैच सेंटर से 1200 से अधिक मतदान कर्मी अपने बूथों के लिए रवाना हुए ।

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