Air India Plane Crash:
नई दिल्ली, एजेंसियां। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (Boeing 787-8) टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 242 में से 241 यात्री और 19 ज़मीनी लोग मारे गए थे। अब इस हादसे के बाद नया विवाद सामने आया है। ब्रिटेन के कुछ पीड़ित परिवारों ने दावा किया है कि भारत सरकार ने उन्हें उनके मृत परिजनों के गलत शव सौंपे हैं। ब्रिटिश अखबार डेली मेल और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दो परिवारों ने शवों की डीएनए जांच कराई, जिससे यह खुलासा हुआ कि शव किसी और के थे।
डॉ. फियोना विलकॉक्स की रिपोर्ट
लंदन की कोरोनर डॉ. फियोना विलकॉक्स की रिपोर्ट के बाद इस विवाद ने तूल पकड़ा। ब्रिटिश वकील जेम्स हीली-प्रैट, जो 12 पीड़ित परिवारों की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने एयर इंडिया और आपातकालीन सेवा वेंडर Kenyon International से औपचारिक प्रतिक्रिया मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवारों ने अपने प्रियजनों की असली पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए नमूने दिए थे, लेकिन शवों के डीएनए मेल नहीं खा रहे। इस पर भारत सरकार ने जवाब देते हुए कहा है कि हादसे के बाद सभी शवों की पहचान तय प्रोटोकॉल और तकनीकी मानकों के अनुसार की गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि शवों को “पूरी गरिमा और सावधानी” से सौंपा गया था, और भारत अब ब्रिटेन सरकार के साथ मिलकर इन आरोपों की जांच कर रहा है। एयर इंडिया ने इस बीच यह भी कहा है कि उसने अपने Boeing 787 और 737 फ्लीट की फ्यूल कंट्रोल सिस्टम की एहतियातन जांच कर ली है, जिसमें कोई खराबी नहीं पाई गई। मामले ने दोनों देशों के बीच संवेदनशीलता और जवाबदेही का मुद्दा खड़ा कर दिया है।
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