Shubhanshu Shukla:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलट और भारत का नाम अंतरिक्ष में रोशन करने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अपने ऐतिहासिक 18 दिवसीय एक्सिओम-4 मिशन को पूरा करने के बाद स्वदेश लौट आए। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके पहुंचते ही भव्य स्वागत किया गया।
ये लोग पहुंचे थे स्वागत करनेः
स्वागत करने वालों में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शुभांशु की पत्नी कामना शुक्ला और बेटे सहित कई गणमान्य लोग पहुंचे थे। जैसे ही शुक्ला विमान से बाहर आए, लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट और “भारत माता की जय” के नारों से उनका अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री से करेंगे भेंटः
दिल्ली पहुंचने के बाद ग्रुप कैप्टन शुक्ला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे और मिशन से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके बाद वह अपने गृहनगर लखनऊ जाएंगे। 22 और 23 अगस्त को वह पुनः दिल्ली लौटकर राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेंगे।
इंस्टाग्राम पोस्ट में व्यक्त की भावनाएः
भारत लौटने से ठीक पहले शुक्ला ने विमान से एक मुस्कुराती हुई तस्वीर साझा की और लिखा— “भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे मन में मिश्रित भावनाएं उमड़ रही हैं। मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख हो रहा है, जो इस मिशन के दौरान पिछले एक साल से मेरे दोस्त और परिवार बन गए। लेकिन, अब अपने दोस्तों, परिवार और देशवासियों से मिलने और अपने अनुभव साझा करने का बेसब्री से इंतजार है।”
पहला भारतीय बने आईएसएस पर पहुंचने वालेः
जून 2025 में शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। वे तीन अन्य अंतरिक्षयात्रियों के साथ 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुए थे और 26 जून को ISS पर पहुंचे थे। लगभग तीन सप्ताह के प्रवास के बाद 15 जुलाई को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटे।
किए 60 से अधिक प्रयोगः
18 दिनों के इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान उन्होंने और उनकी टीम ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए। इन प्रयोगों में माइक्रोग्रैविटी में जीवन विज्ञान, चिकित्सा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और पृथ्वी अवलोकन से जुड़े अहम अध्ययन शामिल थे।
एक साल का कठोर प्रशिक्षणः
इस मिशन के लिए शुक्ला ने अमेरिका में एक वर्ष तक कठोर प्रशिक्षण लिया। इसी के बाद उन्हें एक्सिओम स्पेस और नासा के सहयोग से आयोजित एक्सिओम-4 मिशन के लिए चयनित किया गया।
शुभांशु शुक्ला की इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर दिया है। अब देशभर में लोग उन्हें “स्पेस हीरो” और “भारत का गर्व” कहकर सम्मानित कर रहे हैं।
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