India imposed:
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत भारी टैरिफ लगाने के बाद भारत ने बड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने अमेरिकी हथियारों और एयरक्राफ्ट की खरीद की योजना को फिलहाल रोक दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 3.6 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, जिसमें जनरल डायनमिक्स के स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल, एंटी-टैंक मिसाइल जेवलिन और भारतीय नौसेना के लिए छह बोइंग P8I टोही विमानों की खरीद शामिल थी। यह कदम अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी के जवाब में उठाया गया है, जिसे भारत सरकार टैरिफ टेररिज्म कह रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
साथ ही, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगामी अमेरिकी दौरा भी रद्द कर दिया गया है, जो इस रक्षा सौदे के सिलसिले में होना था। इस स्थिति से भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पर असर पड़ने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि टैरिफ बढ़ोतरी के कारण भारत ने अपने हितों की रक्षा के लिए यह फैसला लिया है। यह विवाद दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस टैरिफ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदों को रोककर अमेरिका को संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए मजबूती से अपने फैसले लेगा। इस मामले में आगे क्या कदम होंगे, यह कूटनीतिक स्तर पर निगरानी में है।
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