Jaisalmer border:
जयपुर, एजेंसियां। जैसलमेर के भारत-पाक बॉर्डर पर BSF को एक संदिग्ध कैमरा ड्रोन मिला है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मामला तनोट थाना क्षेत्र के लोंगेवाला इलाके का है, जहां इस ड्रोन को BSF ने कब्जे में ले लिया है और इसकी जांच तेज कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रोन कहां से उड़ाया गया, इसका ऑपरेटर कौन है और क्या यह पाकिस्तान की तरफ से जासूसी के लिए भेजा गया था। ड्रोन की रेंज, फीड और ऑपरेटर की पहचान की कोशिश की जा रही है।
यह पहला मामला नहीं है
ड्रोन मिलने के बाद आसपास की सभी चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी जैसलमेर सीमा पर कई संदिग्ध उपकरण पाए जा चुके हैं। खास बात यह है कि यह घटना स्वतंत्रता दिवस के करीब हुई है, ऐसे में BSF की सतर्कता को काफी सराहा जा रहा है।हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में DRDO गेस्ट हाउस के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी सुरक्षा
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने नागरिकों पर ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत BSF ने सीमा सुरक्षा और गश्त को और सख्त कर दिया है। इस अभियान का मकसद सीमा पार की संदिग्ध गतिविधियों और जासूसी को रोकना है।ड्रोन जैसे हाई-टेक उपकरण मिलने से साफ हो गया है कि दुश्मन देश तकनीकी माध्यमों से भी भारत की सीमा पर नजर रख रहा है। स्वतंत्रता दिवस के करीब इस तरह की सतर्कता देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी साबित हो रही है।
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