NSA Ajit Doval:
नई दिल्ली / मॉस्को, एजेंसियां। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन जल्द भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस बात की औपचारिक पुष्टि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मॉस्को में की। पुतिन का यह दौरा चार साल बाद हो रहा है और इसे भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।
डोभाल ने किया दौरे का एलान
एनएसए अजीत डोभाल ने बृहस्पतिवार को मॉस्को में ऐलान करते हुए कहा, “राष्ट्रपति पुतिन भारत के साथ रणनीतिक रिश्तों को और मज़बूत करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका यह दौरा भारत-रूस संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।”
साल के अंत तक आएंगे पुतिन
डोभाल ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति पुतिन साल 2025 के अंत तक भारत दौरे पर आएंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर तनातनी चल रही है। हाल ही में अमेरिका ने रूस से तेल आयात करने पर भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद, पुतिन का यह भारत दौरा भू-राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बन गया है।
चार साल बाद पुतिन की भारत वापसी
राष्ट्रपति पुतिन ने आखिरी बार दिसंबर 2021 में भारत का दौरा किया था, जब वह 21वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। उसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हो गया और चार सालों तक पुतिन भारत नहीं आ सके।
इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
राष्ट्रपति पुतिन की इस यात्रा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा की संभावना है:
रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी
ऊर्जा और तेल व्यापार
यूक्रेन युद्ध पर भारत की भूमिका
अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का जवाब
भविष्य की रणनीतिक साझेदारी
23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पुतिन
इस दौरे पर राष्ट्रपति पुतिन भारत-रूस के 23वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, रक्षा, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा।
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