CBSE big decision:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों को बड़ी राहत देते हुए सेक्शन बढ़ाने को लेकर अपने नियमों में अहम बदलाव किया है। नए संशोधन के तहत, अब CBSE से संबद्ध स्कूल 400 वर्ग मीटर में भी नए सेक्शन या कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इससे पहले तक यह पूरी तरह स्कूल की उपलब्ध भूमि के आकार पर निर्भर था, जिससे शहरी क्षेत्रों में विस्तार करना मुश्किल हो रहा था।
क्या है नया नियम?
सीबीएसई ने नए नियम में कहा है कि अब सेक्शन या कक्षाओं का निर्माण भूमि के क्षेत्रफल की बजाय स्कूल भवन के कुल निर्मित क्षेत्रफल (Floor Area Ratio FAR) के आधार पर तय किया जाएगा। इससे स्कूलों को फ्लोर स्पेस का उपयोग कर अधिक कक्षाएं शुरू करने की आज़ादी मिलेगी, भले ही उनके पास ज़्यादा भूमि न हो।
पुराने नियम बन रहे थे बाधा
पहले 4,000 वर्ग मीटर ज़मीन पर अधिकतम 28 सेक्शन बनाने की अनुमति थी। अब नए नियम के तहत:
6000 वर्ग मीटर में 45 सेक्शन तक शुरू किए जा सकते हैं।
कक्षा 9-10 और 11-12 के लिए सेक्शन की सीमा बढ़ाकर 25% कर दी गई है। पहले यह 16% थी।
क्यों किया गया बदलाव?
सीबीएसई को कई स्कूलों से फीडबैक मिला कि शहरी इलाकों में भूमि की भारी कमी है, जबकि दाखिले की माँग बढ़ रही है। स्कूलों को सीमित भूमि में अधिक कक्षाएं खोलने में दिक्कत हो रही थी। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह निर्णय लिया।
इससे क्या फायदा होगा?
स्कूल अधिक छात्रों को दाखिला दे सकेंगे।
छोटे प्लॉट वाले स्कूलों को भी विस्तार का अवसर मिलेगा।
कक्षा 8 तक संचालित पड़ोसी स्कूलों के छात्र हाई क्लास के लिए इन्हीं स्कूलों में समायोजित हो सकेंगे।
सीबीएसई का यह कदम खासकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा विस्तार के लिए एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे गुणवत्ता से समझौता किए बिना बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
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