Convicted in rape case:
मैसूर, एजेंसियां। मैसूरु की एक घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में जनता दल (सेक्युलर) से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। ये मामला 2021 से जुड़ा है, जब पीड़िता हासन जिले के गन्निकाडा फार्महाउस में कार्यरत थी। कोर्ट ने यह फैसला एफआईआर दर्ज होने के महज 14 महीने बाद सुनाया, जबकि सजा का ऐलान शनिवार, 2 अगस्त को किया जाएगा।
जांच की इनसाइड स्टोरी:
फोरेंसिक सबूत निर्णायक साबित हुए। पीड़िता द्वारा सुरक्षित रखी गई साड़ी पर सीमेन के अंश पाए गए, जो अदालत में पेश किया गया। जांच की जिम्मेदारी CID की विशेष जांच टीम (SIT) को दी गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर शोभा कर रही थीं। SIT ने 123 सबूत इकट्ठा किए और 23 गवाहों के बयान दर्ज किए।केस की चार्जशीट 2,000 पन्नों की थी, जिसे अदालत में पेश किया गया। ट्रायल 31 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ और सात महीनों के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी की गई।
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?
वे पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में हासन सीट से चुनाव लड़े लेकिन हार गए। चुनाव से पहले उनके कथित अश्लील वीडियो सामने आए थे, जिससे सियासी भूचाल आ गया। SIT ने उन्हें जर्मनी से लौटते वक्त बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था।
चार अन्य केस और राजनीतिक गिरावट:
प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार के चार अन्य मामले भी दर्ज हैं। जद (एस) ने उन्हें इन मामलों के सामने आने के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब कोर्ट के फैसले के बाद उनकी राजनीतिक वापसी मुश्किल मानी जा रही है।
अगला चरण:
अदालत 2 अगस्त को सजा सुनाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में दोष सिद्ध होने के बाद उन्हें कठोर सजा मिल सकती है।
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