Two Nuns arrested:
रायपुर, एजेंसियां। छत्तीसगढ़ में 25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो कैथोलिक ननों – सिस्टर प्रीति मैरी और सिस्टर वंदना फ्रांसिस – तथा एक युवक सुकमन मंडावी को तीन आदिवासी लड़कियों को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर आगरा ले जाने और धर्मांतरण की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बजरंग दल की शिकायत पर GRP ने कार्रवाई की, जिसमें दावा किया गया कि लड़कियों को नर्सिंग जॉब का झांसा दिया गया था। लड़कियों के परिजनों को इस यात्रा की जानकारी नहीं थी। पुलिस को एक डायरी भी मिली जिसमें पादरियों के नाम और अन्य लड़कियों की तस्वीरें दर्ज थीं, जिससे संगठित नेटवर्क की आशंका जताई गई है। आरोपियों पर BNS की धारा 143, छत्तीसगढ़ फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट और PITA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाजपा सांसद विजय बघेल ने लगाया आरोप
इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा सांसद विजय बघेल ने इसे संसद में उठाते हुए कांग्रेस पर मानव तस्करी का समर्थन करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने इसे अल्पसंख्यकों पर हो रहे अन्याय का उदाहरण बताते हुए ननों की तत्काल रिहाई की मांग की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे मानव तस्करी का गंभीर मामला बताया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
सांसदों और भाजपा प्रतिनिधियों की टीम
29 जुलाई को केरल से सांसदों और भाजपा प्रतिनिधियों की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची और ननों से मुलाकात की। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने ननों के खिलाफ आरोपों को निराधार बताया जबकि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और लड़कियों को महिला संरक्षण केंद्र में रखा गया है। जांच जारी है और मामला NIA कोर्ट को सौंपा गया है।
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