King cobras:
बेतिया, एजेंसियां। बेतिया में एक घर में 60 से अधिक किंग कोबरा सांप निकलने दहशत का माहौल है। यह घर विनोद यादव नामक व्यक्ति की है, जिनके घर से तीन दिनों में 60 से अधिक किंग कोबरा सांप निकाले गये है। इस घटना के बाद से इलाके में विनोद यादव के घर को ‘सांपों का घर’ कहा जा रहा है। बेतिया जिले के बगहा में चौतरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव का यह मामला है।
लगातार दिखने लगे सांपः
विनोद यादव ने बताया कि कुछ दिनों से उनके घर में रात के समय सरसराहट की आवाजें सुनाई दे रही थीं। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य समझा, लेकिन जब एक के बाद एक कोबरा सांप दिखने लगे, तो घर में अफरा-तफरी मच गई। घबराए विनोद ने ग्रामीणों की मदद मांगी, जिन्होंने साहस दिखाकर घर की तलाशी शुरू की। फर्श के नीचे खुदाई करने पर एक बड़ा सांपों का बिल मिला, जिसमें जहरीले किंग कोबरा सांपों का झुंड था। तीन दिन की कड़ी मेहनत के बाद ग्रामीणों ने लगभग 60 कोबरा सांपों को सुरक्षित निकाला और उन्हें पास के जंगल में छोड़ दिया।
घर नहीं लौट रहा परिवारः
इस घटना ने लक्ष्मीपुर गांव में डर का माहौल पैदा कर दिया है। विनोद यादव का परिवार अपने घर में लौटने से डर रहा है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि बिल में अभी भी कुछ सांप छिपे हो सकते हैं। परिवार ने अस्थायी रूप से रिश्तेदारों के घर में शरण ली है। स्थानीय लोग बच्चों को उस रास्ते से गुजरने से मना कर रहे हैं और खुद भी सतर्कता बरत रहे हैं।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में 45 प्रजातियों के सांपः
सांप विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में सांप सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों में घुस आते हैं। लक्ष्मीपुर गांव वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के नजदीक है, जहां 45 से अधिक सांपों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें किंग कोबरा जैसे जहरीले सांप शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विनोद के घर का खेतों से सटा होना और कच्ची मिट्टी की संरचना सांपों के लिए अनुकूल रही होगी। चूहों की उपलब्धता भी कोबरा सांपों को आकर्षित करती है।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग सांपों के बिलों की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल, गांव में सतर्कता बरती जा रही है और लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।
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