Jagdeep Dhankhar:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे से देश की राजनीति में हलचल मच गई है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपते हुए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन कांग्रेस और मीडिया रिपोर्ट्स इससे इत्तेफाक नहीं रखतीं।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि धनखड़ को केंद्र सरकार की ओर से एक कॉल आया था, जिसके बाद तेज बहस हुई। माना जा रहा है कि मामला जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के विपक्षी प्रस्ताव से जुड़ा था, जिसे उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कार्यवाही में शामिल किया। इसके बाद कथित रूप से केंद्र की नाराज़गी सामने आई और कुछ ही समय में धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई BAC मीटिंग में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मंत्री किरण रिजिजू की गैरमौजूदगी और पूर्व सूचना न देना, धनखड़ को आहत कर गया।
उनके रिश्तेदारों ने बताया
धनखड़ के गांव और परिजनों ने भी हैरानी जताई है। उनके रिश्तेदारों ने बताया कि उनकी तबीयत मार्च में एंजियोप्लास्टी के बाद से कमजोर चल रही थी और हाल में उत्तराखंड दौरे में भी तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि ग्रामीणों का मानना है कि उन्हें अपना कार्यकाल पूरा करना चाहिए था। धनखड़ के इस्तीफे को लेकर दो बातें सामने आ रही हैं, एक ओर स्वास्थ्य कारण, दूसरी ओर केंद्र के साथ गहराता राजनीतिक टकराव। फिलहाल सच्चाई क्या है, इस पर देशभर में चर्चा जारी है।
इसे भी पढ़ें