Agriculture Department:
रांची। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रांची के बड़ागाई निवासी एकरामुल हक को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी की जानकारी
एकरामुल हक के खिलाफ पहले से कई ठगी के मामले दर्ज थे, और वह लंबे समय से फरार था। पुलिस के मुताबिक, वह गिरोह के लिए गुपचुप तरीके से काम कर रहा था। पुलिस ने गुरुवार को मथुरा के टाउनशिप पुल के नीचे से रिफाइनरी थाना की पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किया।
ठगी का तरीका
इस मामले की शुरुआत जनवरी 2025 में झारखंड के रिफाइनरी थाना क्षेत्र के झड़गांव निवासी गजराज सिंह द्वारा की गई शिकायत से हुई थी। गजराज सिंह ने आरोप लगाया था कि एक गिरोह ने उन्हें कृषि विभाग में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 10 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
यह गिरोह बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के दर्जनों बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर रांची बुलाता था। यहां उन्हें कांके रोड स्थित कृषि भवन और हजारीबाग के कृषि विज्ञान केंद्रों में फर्जी इंटरव्यू और प्रशिक्षण दिया जाता था। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं से 15 लाख रुपये के ब्लैंक चेक भी गारंटी के रूप में लिए जाते थे।
फर्जी परीक्षा और ठगी का खुलासा
इसके बाद एक फर्जी परीक्षा आयोजित की जाती थी, लेकिन किसी भी युवक को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाता था। जब ये युवाएं अपनी पोस्टिंग के लिए संपर्क करते, तो उन्हें टालमटोल किया जाता और फिर आरोपी फरार हो जाते। अब तक इस गिरोह ने 12 से अधिक युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
पुलिस ने मार्च 2025 में मुख्य साजिशकर्ता राजन रंजन मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एकरामुल हक की गिरफ्तारी से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में और राज सामने आने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि एकरामुल हक के घर का पता लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह काफी समय से फरार था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
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