Elephants collided with train:
रांची। झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बांसतोला इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। इस हादसे में एक वयस्क और दो हाथी शावकों की मौत हो गई। यह घटना रात 12:50 बजे बांसतोला रेल गेट के पास पोल संख्या 11/13 के बीच हुई, जब हाथियों का एक झुंड रेल ट्रैक पार कर रहा था और बड़बिल-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया।
हाथी की मौत और दुर्घटना
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही तीन हाथियों की मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड शवों के पास ट्रैक पर डटा रहा, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया। दुर्घटना के समय जनशताब्दी एक्सप्रेस तेज रफ्तार से आ रही थी, और हाथियों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक पर खड़ा रहने से रेल सेवा बाधित हो गई।
रेल और वन विभाग की प्रतिक्रिया
घटना के बाद रेलवे और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन विभाग की मदद से हाथियों के शवों को ट्रैक से हटाया गया और रेलवे ट्रैक को साफ किया गया। इसके बाद अप लाइन को सुबह 6:15 बजे और डाउन लाइन को 7:30 बजे फिर से चालू किया जा सका।
प्रभावित ट्रेनें
हादसे के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें बड़बिल-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस प्रमुख थी। इस घटना के चलते यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि दोनों ट्रैक पर लगभग छह घंटे तक रेल संचालन बाधित रहा।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सवाल
इस घटना के बाद वन्यजीव संरक्षण संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा आक्रोश देखा गया। झाड़ग्राम के डीएफओ उमर इमाम ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे के खिलाफ झाड़ग्राम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके अलावा, हाथियों के लिए संरक्षित मार्गों की पहचान और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
‘हाथी कॉरिडोर’ का मुद्दा
वन विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पहले भी होती रही है, और इसे ‘हाथी कॉरिडोर’ घोषित किए जाने की प्रक्रिया अभी अधूरी है। यही कारण है कि इस प्रकार की दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
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