DSPMU:
रांची। रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) की रजिस्ट्रार डॉ. नमिता सिंह के कार्यकाल विस्तार को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को आदिवासी छात्र संघ ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि डॉ. सिंह को कोई सेवा विस्तार न दिया जाए। संघ का आरोप है कि उनके कार्यकाल में कई प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. सिंह मूलतः भौतिकी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जबकि विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है। इसलिए उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी से मुक्त कर शिक्षण कार्य में लौटाया जाए ताकि छात्र सीधे उनके शैक्षणिक अनुभव का लाभ उठा सकें।
DSPMU: छात्र संग का आरोप
छात्र संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व कुलपति डॉ. तपन शांडिल्य, जिन पर भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, ने ही रजिस्ट्रार के कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव सिंडिकेट बैठक में रखा था, जिसे छात्रों के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यकाल विस्तार दिया गया तो विश्वविद्यालय को अनिश्चितकालीन बंद करने पर वे बाध्य होंगे।
DSPMU: DSPMU इकाई के प्रमुख बादल भोक्ता ने कहा
रांची विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष दया बहुरा और DSPMU इकाई के प्रमुख बादल भोक्ता ने कहा कि पांच पद रिक्त होने के बावजूद रजिस्ट्रार को शिक्षण से दूर रखना छात्रहित के खिलाफ है। ज्ञापन सौंपने वालों में दया बहुरा, राकेश रोशन, सुनील सोरन, वसीम अंसारी समेत कई छात्र नेता शामिल थे। अब राज्यपाल या संबंधित विभाग की ओर से जल्द निर्णय या प्रतिक्रिया की संभावना है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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