Association for Democratic Reforms:
नई दिल्ली, एजेंसियां। ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 में नेशनल पार्टियों को ₹20,000 से ज्यादा के चंदों में सबसे ज्यादा बीजेपी को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी को मिला चंदा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) और माकपा (CPI-M) को मिले कुल चंदे से 6 गुना ज्यादा है।
इस रिपोर्ट में चुनाव आयोग के आंकड़ों का एनालिसिस किया गया है। इसमें बताया गया है कि देश की 6 नेशनल पार्टियों को ₹20,000 से ज्यादा के कुल ₹2,544.28 करोड़ के चंदे की जानकारी दी गई।
इन नेशनल पार्टियों में बीजेपी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (BSP), AAP, CPI(M) और NPEP शामिल हैं।
Association for Democratic Reforms: पॉलिटिकल पार्टियों को कॉरपोरेट चंदा सबसे ज्यादाः
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 3755 डोनेशन कॉरपोरेट या बिजनेस सेक्टर की तरफ से किए गए, जिनकी कुल रकम ₹2,262.5 करोड़ रही। यह कुल चंदे का 88.9% हिस्सा है।
Association for Democratic Reforms : बीजेपी को सबसे ज्यादा कॉरपोरेट डोनेशनः
बीजेपी को सबसे ज्यादा कॉरपोरेट डोनेशन मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी को कॉरपोरेट सेक्टर से कुल 3,478 डोनेशन के जरिए ₹2,064.58 करोड़ मिले। इसके अलावा 4,628 आम लोगों ने पार्टी को ₹169.12 करोड़ का चंदा दिया।
Association for Democratic Reforms : कांग्रेस को ₹190.3 करोड़ कॉरपोरेट डोनेशनः
वहीं कांग्रेस को ₹190.3 करोड़ कॉरपोरेट डोनेशन और ₹90.89 करोड़ आम लोगों से चंदा मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ कॉरपोरेट डोनेशन के मामले में भी बीजेपी को बाकी सभी नेशनल पार्टियों के मुकाबले 9 गुना ज्यादा रकम मिली।
चुनाव आयोग ने पिछले साल इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा शेयर किया थाः
चुनाव आयोग ने 14 मार्च, 2024 को भी इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा अपनी वेबसाइट पर जारी किया था। इसमें भाजपा सबसे ज्यादा चंदा लेने वाली पार्टी थी। 12 अप्रैल 2019 से 11 जनवरी 2024 तक पार्टी को सबसे ज्यादा 6060 करोड़ रुपए मिले थे। लिस्ट में दूसरे नंबर पर तृणमूल कांग्रेस (1609 करोड़) और तीसरे पर कांग्रेस पार्टी (1421 करोड़) थी।
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