Assam marriage law: असम में एक से अधिक शादी की, तो जेल, UCC भी लागू होगा

4 Min Read

Assam marriage law:

गुवाहाटी, एजेंसियां। असम में अब एक से अधिक शादी करने पर जेल जाना पड़ेगा। राज्य में बहु विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा कहा है कि राज्य में जल्द ही UCC भी लागू किया जायेगा।

‘असम प्रोहिबिशन ऑफ पॉलीगैमी बिल, 2025’ पारितः

असम विधानसभा ने बहुविवाह पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने वाले ‘असम प्रोहिबिशन ऑफ पॉलीगैमी बिल, 2025’ को पारित कर दिया है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति मौजूदा शादी के रहते दूसरी शादी करता है, तो उसे 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है, जबकि शादी छिपाकर दूसरा विवाह करने वाले दोषियों को 10 साल तक जेल का प्रावधान किया गया है। साथ ही पीड़ित को 1.40 लाख रुपये मुआवजा देना भी अनिवार्य किया गया है।

क्या है बहुविवाह की कानूनी परिभाषा?

नए विधेयक में ‘बहुविवाह’ को इस रूप में परिभाषित किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति का पहले से विवाह हो, उसका जीवनसाथी जीवित हो, तलाक कानूनी रूप से नहीं हुआ हो अथवा विवाह शून्य/रद्द घोषित नहीं हुआ हो, तो ऐसी स्थिति में दूसरी शादी करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

7 से 10 साल तक की सजाः

विधेयक के अनुसार

• सामान्य बहुविवाह करने पर: 7 साल तक कारावास + जुर्माना
• पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने पर: 10 साल तक कारावास + जुर्माना
• पीड़ित पक्ष को: 1.40 लाख रुपये मुआवजा

किन्हें इस कानून से छूट?

बिल के प्रावधान छठी अनुसूची क्षेत्रों और निर्दिष्ट अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होंगे। इन समुदायों को परंपरागत कानूनों और रीति-रिवाजों के कारण छूट प्रदान की गई है।

विधानसभा में चली लंबी बहसः

विधानसभा में बिल पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद इसे बहुमत से पारित किया गया। चर्चा के दौरान विपक्ष ने कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने इसे सामाजिक सुधार और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- UCC लागू करेंगेः

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “असम में बहुविवाह विरोधी कानून UCC लागू करने की दिशा में पहला और निर्णायक कदम है। यदि हम अगले साल फिर से सत्ता में आते हैं, तो पहला सत्र लगते ही हम पूरे राज्य में यूसीसी बिल लाएंगे।”

उन्होंने उत्तराखंड में लागू हुए UCC कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि असम भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सीएम के बयान के बाद माना जा रहा है कि बहुविवाह पर प्रतिबंध के बाद राज्य सरकार अब यूनिफॉर्म सिविल कोड के व्यापक मसौदे पर काम तेज करेगी।

UCC लागू होने पर क्या होगाः

UCC लागू होने पर समान विवाह कानून, तलाक, भरण–पोषण, वारिस, संपत्ति कानूनों में एकरूपता, धर्म आधारित पर्सनल लॉ समाप्त होने जैसी बड़े स्तर की कानूनी परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बिल?
  • महिलाओं के अधिकारों की रक्षा
  • शोषण और धोखाधड़ी वाली शादियों पर रोक
  • बहुविवाह की बढ़ती प्रवृत्ति को नियंत्रण
  • समान व्यक्तिगत कानून की दिशा में कानूनी आधार
Share This Article