PM Modi reached Tianjin:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के त्येनजिन शहर पहुंच गए हैं। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के बाद पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
त्येनजिन शहर का इतिहास
त्येनजिन, उत्तरी चीन का एक प्रमुख शहर है और यह हेबेई प्रांत के पूर्व में स्थित है। यह शहर बीजिंग और शंघाई के बाद चीन की तीसरी सबसे बड़ी नगर पालिका है। ऐतिहासिक रूप से यह युआन (मंगोल) राजवंश के समय से एक महत्वपूर्ण परिवहन और व्यापारिक केंद्र रहा है। 19वीं शताब्दी में यूरोपीय व्यापारिक समुदाय के आगमन के बाद यह महानगरीय केंद्र के रूप में और भी अधिक प्रसिद्ध हुआ। 1958 से 1967 तक यह एक उप-प्रांत-स्तरीय शहर था और हेबेई प्रांत की राजधानी के रूप में कार्य करता था।
त्येनजिन की खासियत
त्येनजिन शहर अपने हस्तशिल्प उत्पादों जैसे टेरा-कोटा मूर्तियों, हाथ से चित्रित वुडब्लॉक प्रिंट और समुद्री भोजन के लिए जाना जाता है। यह शहर समुद्र के पास स्थित होने के बावजूद महाद्वीपीय जलवायु का अनुभव करता है, जहां तापमान में तीव्र उतार-चढ़ाव होता है। यहाँ का औसत वार्षिक तापमान 13°C है, जबकि जनवरी में औसतन तापमान -4°C और जुलाई में 27°C रहता है।त्येनजिन का प्रमुख उद्योग भारी मशीनरी, रसायन, लोहा-इस्पात उत्पादन और जहाज निर्माण है। यहां कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां भी निवेश कर चुकी हैं। इस शहर में 1949 के बाद भारी उद्योग का विकास हुआ है और इसे चीन के सबसे बड़े खनन उपकरण निर्माताओं में से एक माना जाता है।
शहर की जनसंख्या और सामाजिक संरचना
त्येनजिन की अधिकांश जनसंख्या केंद्रीय शहर में निवास करती है, और यहां का जनसंख्या घनत्व लगभग 15,000 से 75,000 व्यक्ति प्रति वर्ग मील है। प्रमुख जनसांख्यिकीय समूहों में तुंगन (हुई), कोरियाई, मंचू और मंगोल लोग शामिल हैं।इस शहर के व्यावसायिक और औद्योगिक विकास ने इसे न केवल चीन के बल्कि एशिया के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में से एक बना दिया है।
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