Fighting cancer:
टोकियों, एजेंसियां। जापान की मशहूर माचा टी अब सिर्फ वहां ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में लोकप्रिय हो रही है। यह खास चाय माचा पत्तियों को पीस कर बनाई जाती है, जिसमें कई पोषक तत्व जैसे एंटीऑक्सिडेंट, कैफीन, एल-थीनाइन, विटामिन, फाइबर और क्लोरोफिल होते हैं। National Institutes of Health (NIH) की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि माचा टी में कैंसर से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो कैंसर सेल्स के शरीर में फैलने को रोक सकते हैं। माचा में ग्रीन टी के मुकाबले अधिक मात्रा में Epigallocatechin gallate पाया जाता है, जो कैंसर रिस्क कम करने में मददगार है।
हार्वर्ड के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया
हार्वर्ड के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो में माचा टी के साथ हल्दी लाते और ग्रीन स्मूदी को कैंसर से बचाव के लिए प्रभावी ड्रिंक बताया है। हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है, जो सूजन कम करता है और कैंसर विरोधी गुण भी रखता है। ग्रीन स्मूदी, जिसमें पालक, सेलेरी और अदरक शामिल होते हैं, में भी एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं।
FDA ने स्पष्ट किया
हालांकि FDA ने स्पष्ट किया है कि करक्यूमिन या कोई भी ड्रिंक कैंसर का इलाज नहीं कर सकता, लेकिन ये प्राकृतिक पदार्थ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं। माचा टी पीने से न केवल इम्यूनिटी बढ़ती है बल्कि यह ब्लड शुगर और दिल की सेहत में भी सुधार लाती है।इसलिए, नियमित मात्रा में माचा टी का सेवन हेल्थ के लिए लाभकारी माना जा रहा है, विशेषकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को घटाने में।
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