Donald Trump:
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 50% टैरिफ लगाने के फैसले ने अमेरिका की आंतरिक राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी कांग्रेस की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन की इस नीति की कड़ी आलोचना की है और इसे कूटनीतिक असंतुलन व रणनीतिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया है।
डेमोक्रेट्स का कहना है:
डेमोक्रेट्स का कहना है कि यदि रूस से तेल खरीद को लेकर प्रतिबंध लगाने की नीति है, तो वह चीन जैसे बड़े खरीदारों पर भी लागू होनी चाहिए, जिन्हें अब तक छूट दी गई है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप सरकार की यह रणनीति भ्रामक और पक्षपातपूर्ण है, क्योंकि रूस का सबसे बड़ा तेल ग्राहक चीन है, जिस पर कोई आर्थिक कार्रवाई नहीं की गई है।
डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप पर यह आरोप लगाया:
डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने भारत पर 25% पारस्परिक शुल्क के साथ-साथ 25% अतिरिक्त शुल्क भी लगाया, जिससे न केवल भारत-अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा है, बल्कि इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी कीमतों के रूप में नुकसान हुआ है।
सांसदों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा:
सांसदों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि यदि यूक्रेन का समर्थन ही उद्देश्य है, तो यह नीति सभी देशों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए, न कि केवल भारत पर। इस पूरे मामले ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के भीतर ही ट्रंप की भारत नीति को लेकर गहरी असहमति और राजनीतिक मतभेद पनप चुके हैं।
डेमोक्रेट्स का मानना:
डेमोक्रेट्स का मानना है कि ऐसे फैसले भारत जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ भरोसे को कमजोर करते हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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