Mohan Bhagwat:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली में एक गोष्ठी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट को लेकर दिए गए बयान को कांग्रेस ने गंभीरता से लिया और उन पर तंज कसा है। कांग्रेस ने कहा कि मोहन भागवत ने एक महीने के भीतर दो विपरीत बयान दिए हैं, जो सवालों को जन्म देते हैं।
कांग्रेस महासचिव ने एक्स पर लिखा:
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “एक महीना, एक व्यक्ति, दो विपरीत बयान।” हाल ही में मोहन भागवत ने साफ किया था कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे या किसी और को 75 साल की उम्र में पद छोड़ देना चाहिए या संन्यास ले लेना चाहिए।
मोहन भागवत ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए पूर्व आरएसएस नेता मोरोपंत पिंगले के विचार का हवाला दिया और कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय नहीं थी, बल्कि उन्होंने केवल पिंगले के दृष्टिकोण को उद्धृत किया था।यह बयान खासतौर पर इसलिए चर्चा में है क्योंकि अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत दोनों 75 वर्ष के हो जाएंगे, और इसलिए नेताओं के रिटायरमेंट को लेकर अटकलें लग रही थीं।
मोहन भागवत ने कहा:
मोहन भागवत ने कहा, “हम किसी भी समय रिटायर होने के लिए तैयार हैं। अगर संघ चाहेगा कि मैं 80 साल की उम्र में भी शाखा चलाऊं, तो मुझे करना होगा। हम संघ के लिए हमेशा काम करने के लिए तत्पर हैं।”
कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया को राजनीतिक रूप से मोहन भागवत के बयान में विरोधाभास के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब देश की राजनीति में रिटायरमेंट की उम्र और कार्यकाल को लेकर बहस तेज हो रही है।
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