Ranchi University:
रांची। आरयू यानी रांची विश्वविद्यालय समेत झारखंड के कई सरकारी विश्वविद्यालयों में डिग्री वितरण की स्थिति चिंताजनक है। डिग्री, जो न केवल छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि उनके करियर की पहली सीढ़ी भी है, वह विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग और कॉलेजों में धूल फांक रही है।
आंकड़े बताते हैं कि रांची विश्वविद्यालय में करीब 5 लाख डिग्रियां वर्षों से पेंडिंग हैं, जिनमें 1979 और 1985 सत्र की डिग्रियां भी शामिल हैं। यहां 1979 बैच से लेकर 2024 तक की डिग्रियां कॉलेज और परीक्षा विभाग में पड़ी हैं। हर साल एक लाख डिग्रियां तैयार की जाती हैं, लेकिन वितरण होता है महज 600 का।
हर साल तैयार होती हैं 1 लाख डिग्रियाः
रांची विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष लगभग एक लाख डिग्रियां तैयार होती हैं। हालांकि, दीक्षांत समारोह में केवल 500 से 600 छात्रों को ही मंच पर बुलाकर डिग्रियां दी जाती हैं। शेष डिग्रियां या तो परीक्षा विभाग की फाइलों में बंद रहती हैं या कॉलेजों की अलमारियों में पड़ी रहती हैं।
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