Zelensky:
कीव, एजेंसियां। रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल बाद भी यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों में बिजली और ऊर्जा सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसका एक अनोखा उदाहरण तब देखने को मिला जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के साथ इंटरव्यू चल रहा था। वीडियो रिकॉर्डिंग में साफ देखा जा सकता है कि बातचीत के बीच अचानक हॉल अंधेरे में डूब गया।
इंटरव्यू की शुरुआत
इंटरव्यू की शुरुआत में ही पहली बार बिजली चली गई। कुछ सेकंड तक हलचल रही, लेकिन बैकअप जनरेटर चालू होने के बाद रोशनी लौटी और बातचीत फिर से शुरू हुई। थोड़ी देर बाद दूसरी बार भी लाइट चली गई, लेकिन इस बार इंटरव्यू बिना ट्रांसलेटर के ही जारी रहा जब तक बैकअप पावर सक्रिय नहीं हुआ।
ब्रिटिश पत्रकार ल्यूक हार्डिंग ने अपनी रिपोर्ट में बताया
ब्रिटिश पत्रकार ल्यूक हार्डिंग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जेलेंस्की ने इस घटना को बेहद सहजता से लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ये कोई आतंकी हमला नहीं है… ये हमारी जिंदगी की हकीकत है। कीव में और बाकी जगहों पर भी, बिजली का जाना अब आम बात है।”इस घटना से स्पष्ट होता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कीव समेत कई शहरों में बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती रहती है और लोग जनरेटर या बैकअप सिस्टम पर निर्भर हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने यह भी दिखाया कि यह पश्चिम को यूक्रेन की जुझारू परिस्थितियों से अवगत कराने का एक माध्यम है।
जेलेंस्की के बयान
जेलेंस्की के बयान के साथ यह भी बताया गया कि रूस ने शांति वार्ता के लिए कूटनीतिक पहल शुरू की है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस युद्ध का अंत करेगा, लेकिन तब जब उसके लक्ष्य पूरे होंगे और यह राजनीतिक एवं कूटनीतिक तरीके से होगा।इस घटना ने यह उजागर किया कि युद्ध की वजह से आम नागरिकों की जिंदगी पर भी कितना गंभीर असर पड़ा है और यूक्रेन की राजधानी में रोजमर्रा की समस्याएं किस हद तक सामान्य बन गई हैं।
