Government policy: क्या भारत को मिलेगा अमेरिका से टैरिफ का आधा रिफंड? ट्रंप सरकार की नीतियों पर उठे सवाल

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वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ विवाद पर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द करता है, तो अमेरिका को आधा टैरिफ रिफंड करना पड़ सकता है।

Government policy: क्या है मामला?

ट्रंप प्रशासन ने “रेसिप्रोकल टैरिफ” के तहत भारत समेत कई देशों पर भारी शुल्क लगाए थे। पिछले महीने फेडरल अपील कोर्ट ने 7-4 के फैसले में कहा था कि ट्रंप ने इस तरह टैरिफ लगाकर राष्ट्रपति की शक्तियों का उल्लंघन किया है। कोर्ट का मानना है कि टैरिफ लगाना कांग्रेस की शक्ति है, न कि राष्ट्रपति की। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जहां ट्रंप प्रशासन ने अपील की है।

Government policy: ट्रेजरी सचिव का बयान:

NBC न्यूज के “Meet the Press” कार्यक्रम में स्कॉट बेसेंट ने कहा “अगर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द किया, तो हमें लगभग आधे टैरिफ का रिफंड देना होगा।” यह सरकारी खजाने (Treasury) के लिए बड़ा झटका होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि टैरिफ लागू करने के लिए अन्य कानूनी रास्ते मौजूद हैं, लेकिन वे राष्ट्रपति की नेगोशिएशन पावर को कमजोर करेंगे।

Government policy: डायरेक्टर केविन हैसेट ने कहा:

अमेरिका की नेशनल इकनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर केविन हैसेट ने पहले कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के खिलाफ फैसला सुनाता है, तो “धारा 232” जैसे विकल्प मौजूद हैं। इसी प्रावधान का इस्तेमाल पहले स्टील और एल्यूमीनियम टैरिफ लगाने के लिए किया गया था। 29 अगस्त को फेडरल सर्किट अपील कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसले को असंवैधानिक बताया था। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने “आपातकालीन आर्थिक शक्तियों” का दुरुपयोग किया और यह अधिकार केवल कांग्रेस का है।

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