मास्को। स में शनिवार को तख्तापलट की साजिश के बीच राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का रिकॉर्डेड बयान जारी किया गया। इस पर सवाल उठे। पर कोई जवाब नहीं आया। वैगनर आर्मी के विद्रोह के बाद से पुतिन अब तक कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। मंगलवार को एक बार फिर से पुतिन का रिकॉर्डेड बयान जारी किया गया। वह कहां है इसे लेकर इसमें भी कुछ नहीं बताया गया है। आज दुनिया के सामने बड़ा सवाल है कि इस बगावत के बाद कहां गायब हैं पुतिन और क्या ये रूस में उनके पतन की शुरुआत है?
दरअसल रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर के विद्रोह के बाद से हालात एकदम बदल गये हैं। बीते शनिवार को वैगनर लड़ाकों द्वारा रोस्तोव शहर और मिलिट्री हेडक्वार्टर पर कब्जा किये जाने की खबरें आयी थीं। वैगनर के चीफ प्रिगोजिन ने एक वीडियो पोस्ट में इसका दावा किया था। उनके द्वारा जारी वीडियो में वैगनर लड़ाकों और बख्तरबंद वाहनों का काफिला मॉस्को की तरफ कूच करता दिखाई दिया।
वह रूस के वोरोनिश क्षेत्र को भी पार कर गया। काफिले ने रास्ते में कई रूसी सैन्य विमानों को मार गिराया। इसके बाद शनिवार सुबह 10 बजे राष्ट्रपति पुतिन ने देश को संबोधित किया। इसमें उन्होंने प्रिगोजिन को गद्दार बताते हुए सख्त कार्रवाई की बात की। फिर उसी दिन रात 8:30 बजे खबर आयी कि बेलारूस के राष्ट्रपति और प्रिगोजिन के बीच एक डील हुई है। इसके तहत प्रिगोजिन ने मॉस्को कूच रोक दिया। कहा गया कि बेलारूस की मध्यस्थता से पुतिन और प्रिगोजिन के बीच समझौता हो गया है। इसके बाद वैगनर लड़ाके रोस्तोव शहर छोड़ देते हैं और प्रिगोजिन भी भारी सुरक्षा वाली काली SUV से शहर के बाहर जाते नजर आते हैं।
इन सबके बीच पुतिन कहीं नहीं दिखे। 23 साल के शासन की सबसे बड़ी चुनौती के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुतिन अब तक नहीं दिखे। रूस की सरकारी मीडिया TASS ने पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से बताया कि उनके बॉस संकट के समय क्रेमलिन में काम कर रहे थे।
वहीं ट्विटर पर कुछ लोगों ने फ्लाइट रडार प्लेन ट्रैकिंग के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति पुतिन का विमान जिसका आइडेंटिफिकेशन नंबर Il96-300PU है ने मॉस्को से शनिवार दोपहर 2.16 बजे उड़ान भरी। हालांकि इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पुतिन कहां गए या वह विमान में थे भी या नहीं। BBC ने बताया कि पुतिन के विमान को रडार पर सेंट पीटर्सबर्ग के लिए उड़ान भरते हुए ट्रैक किया गया था, लेकिन टवर शहर के पास वह गायब हो गया।
दो दिन बाद मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दूसरी बार देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने फिर से वैगनर लड़ाकों को रूसी सेना में शामिल होने या घर लौट जाने के लिए कहा। रूस से जुड़े एनालिस्ट पावेल फेलगेनहाउर ने कहा कि अभी वास्तव में कुछ ठीक नहीं हैं, क्योंकि पुतिन ने वैगनर लड़ाकों को रूसी सेना में शामिल होने के लिए कहा था। पर वैगनर लड़ाके ऐसा नहीं कर रहे हैं। वे अभी भी अपने हथियारों के साथ हैं और अच्छी तरह से संगठित हैं। वे इस समय जमीनी लड़ाई लड़ने वाले सबसे अच्छे लड़ाकों में से एक हैं। उनका अगला कदम क्या होगा ये साफ नहीं है?
फिलहाल पुतिन को सबसे ज्यादा खतरा महसूस हो रहा है, लेकिन वे गायब नहीं हुए। इनफ्लुएंशियल मिलिट्री ब्लॉगर यूरी कोटेनोक लिखते हैं कि जब वैगनर के सशस्त्र लड़ाके मॉस्को की तरफ कूच कर रहे थे तो रक्षा मंत्री कहां थे? उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई विदेशी दुश्मन इतनी आसानी से राजधानी पर हमला कर सकता है? अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि प्रिगोजिन के विद्रोह ने दिखा दिया कि पुतिन की सत्ता पर पकड़ कितनी कमजोर है।
यह पुतिन की अथॉरिटी को खुला चैलेंज था। पुतिन के करीबी लोग उन्हें मार्च 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में खड़े नहीं होने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार की घटना ने पुतिन की रूसी रईसों के पैसे और सुरक्षा गारंटर की छवि को धक्का लगा है। जबकि, एक महीने पहले ऐसा कुछ नहीं था। बहरहाल आगे क्या होगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है। पर पूरी दुनिया आज यही जवाबं ढूंढ रही है कि पुतिन आखिर गायब कहां हो गये।








