Russia Ukraine war:
वाशिंगटन, एजेंसियां। चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के खत्म होने की संभावनाएं अब मजबूत होती नजर आ रही हैं। अमेरिका ने यूक्रेन को लेकर ऐसा बड़ा ऐलान किया है, जिसकी मांग राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की लंबे समय से करते आ रहे थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर अब “सामान्य सहमति” बन चुकी है। इस बयान को युद्धविराम और शांति वार्ता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर सहमति
मार्को रूबियो के अनुसार, प्रस्तावित सुरक्षा गारंटी में युद्ध के बाद यूक्रेन में कुछ यूरोपीय देशों के सैनिकों की सीमित तैनाती और अमेरिका की मजबूत रणनीतिक भूमिका शामिल होगी। उन्होंने साफ किया कि यूरोपीय सैनिकों की मौजूदगी तभी प्रभावी होगी, जब उसके पीछे अमेरिका का “बैकस्टॉप” यानी ठोस समर्थन होगा। अमेरिका इस योजना में सीधे अपने सैनिक भेजने से बच रहा है, लेकिन रणनीतिक और सैन्य समर्थन देने के लिए तैयार है।
यूरोपीय देशों पर अमेरिका की टिप्पणी
अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रक्षा क्षमताओं में पर्याप्त निवेश नहीं किया है। रूबियो के मुताबिक, अगर अमेरिका का समर्थन न हो तो यूरोपीय सैनिकों की तैनाती ज्यादा मायने नहीं रखती। उन्होंने NATO सहयोगियों से रक्षा बजट बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की अपील भी की।
शांति वार्ता को मिल सकता है बल
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति प्रयास तेज हो रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका की यह सहमति यूक्रेन को वार्ता की मेज पर मजबूत स्थिति दे सकती है। वहीं, ट्रंप प्रशासन की नीति साफ है कि यूरोप को अब अपनी सुरक्षा की ज्यादा जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
युद्धविराम की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा गारंटी पर यह सहमति ठोस समझौते में बदलती है, तो रूस-यूक्रेन युद्ध के थमने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला अभी भी कूटनीतिक बातचीत और रूस की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।











