Bangladeshi youth joins TTP:
इस्लामाबाद/ढाका,एजेंसियां। पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए लड़ते हुए बांग्लादेश के दो युवकों की मौत ने दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है। यह मामला इसलिए सनसनीखेज है क्योंकि अब तक विदेशी युवक केवल आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ते देखे गए थे, लेकिन अब टीटीपी भी अन्य देशों से भाड़े के लड़ाकों की भर्ती करने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पाकिस्तान के लिए नई सुरक्षा चुनौती साबित हो सकती है।
बांग्लादेशी अखबार के अनुसार:
बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए युवकों की पहचान रतन धाली (29) और फैजल हुसैन (22) के रूप में हुई है, जो गोपालगंज जिले के रहने वाले थे। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में ये दोनों युवक सितंबर 2025 में मारे गए। बांग्लादेश की स्पेशल ब्रांच और काउंटर टेररिज्म एंड ट्रांसनेशनल इंटेलिजेंस यूनिट (CTTI) ने पुष्टि की है कि दोनों पिछले 18 महीनों से लापता थे और भारत के रास्ते अफगानिस्तान होते हुए पाकिस्तान पहुंचे थे।
जांच में सामने आया है कि रतन और फैजल पहले ढाका के खीलगांव स्थित एक मेडिकल सेंटर में काम करते थे, जहां उनकी मुलाकात कुछ संदिग्ध लोगों से हुई, जिन्होंने “बेहतर नौकरी और धार्मिक मिशन” के नाम पर उन्हें बहकाया। रतन ने आखिरी बार 10 अप्रैल 2024 (ईद के दिन) परिवार से बात की थी और कहा था कि वह दिल्ली में है और जल्द दुबई जाएगा। इसके बाद दोनों का कोई अता-पता नहीं चला।
CTTI अधिकारी ने कहा
CTTI अधिकारी रौशन सादिया अफरोज ने कहा, “हम 100% सुनिश्चित हैं कि दोनों युवक टीटीपी के लिए लड़ते हुए मारे गए।” इससे पहले अप्रैल 2025 में वजीरिस्तान में मारे गए 54 टीटीपी आतंकियों में एक और बांग्लादेशी युवक अहमद जुबैर उर्फ जुबराज भी शामिल था।सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला दक्षिण एशिया में धार्मिक कट्टरता और आतंकवादी नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय फैलाव की नई चेतावनी है, जिससे न केवल पाकिस्तान बल्कि बांग्लादेश भी गंभीर सुरक्षा संकट में घिर सकता है।
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