Gaza peace in jeopardy:
गाजा, एजेंसियां। गाजा में युद्धविराम के बाद शांति की उम्मीदों पर संकट मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हमास हथियार नहीं छोड़ता है, तो इजराइली सेना कभी भी गाजा में पुनः कार्रवाई कर सकती है। यह बयान उस समय आया है जब युद्धविराम की पहली कड़ी पूरी हो चुकी है, जिसमें 20 जीवित बंधकों और 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई शामिल थी।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमास को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गाजा में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना इजराइल की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी हाल में इजराइली सेना को सुरक्षा खतरे की स्थिति में सक्रिय होने से नहीं रोका जा सकता। नेतन्याहू के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि इजराइल किसी भी अस्थिरता या हमास की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
विश्लेषकों का कहना
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप और नेतन्याहू की चेतावनियों से गाजा शांति समझौते पर अनिश्चितता बढ़ गई है। युद्धविराम के बाद भी दोनों पक्षों के बीच भरोसा कमजोर है और सीमित समझौतों के बावजूद व्यापक राजनीतिक समाधान अभी भी दूर दिखाई दे रहा है। हमास द्वारा हथियार छोड़ने और स्थायी शांति समझौते पर सहमति न बनने की स्थिति में गाजा में तनाव बढ़ सकता है।इस बीच, फिलिस्तीनी नेताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और वार्ता जारी रखने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि शांति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पुनर्जीवित करना आवश्यक है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
गाजा शांति समझौते की सफलता फिलिस्तीन और इजराइल के बीच दीर्घकालिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन ट्रंप और नेतन्याहू की चेतावनियों से अब यह समझौता चुनौतीपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है।
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