Hiroshima atomic bomb: हिरोशिमा परमाणु बम पर बनी टॉप 5 फिल्में, जो दिल दहलाने वाली हैं

Juli Gupta
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Hiroshima atomic bomb:

टोक्यो, एजेंसियां। 6 अगस्त 1945 का दिन इतिहास में एक काला दिन के रूप में दर्ज है, जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस हमले में हजारों लोग मारे गए और पूरी दुनिया में परमाणु युद्ध के खतरों को लेकर चेतावनी की घंटी बज गई। इस घटना को याद करते हुए हर साल 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। इस भयानक हमले पर कई फिल्मों ने भी अपनी व्याख्या और चित्रण प्रस्तुत किया है, जो इस दुखद इतिहास को जीवंत करते हैं और दर्शकों के दिलों को झकझोर देते हैं।

‘लिटिल बॉय’

2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘लिटिल बॉय’ ने हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम की घटना को प्रमुखता से दिखाया। यह फिल्म युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को पर्दे पर प्रस्तुत करती है और शांति का संदेश देती है। वहीं, 2010 में आई डॉक्यूमेंट्री ‘न्यूक्लियर टिपिंग पाइंट’ में अमेरिकी अधिकारियों की कहानी है, जिन्होंने परमाणु बम के उपयोग को रोकने की कोशिश की। यह फिल्म परमाणु युद्ध की संभावना और उससे जुड़ी नैतिक दुविधाओं को दर्शाती है।

‘द बिगनिंग ऑर द इंड’

1947 में बनी फिल्म ‘द बिगनिंग ऑर द इंड’ उस समय की पहली फिल्मों में से एक थी, जिसने हिरोशिमा परमाणु हमले की सच्चाई को पर्दे पर दिखाया। इसके अलावा दो फिल्में ‘हिरोशिमा’ (1995 और 2005) भी इस घटना के पहले और बाद के दृश्यों को बखूबी पेश करती हैं, जो दर्शकों को युद्ध के विनाश का एहसास कराती हैं।

‘ओपेनहाइमर’

सबसे हालिया और चर्चित फिल्म ‘ओपेनहाइमर’ (2023), जो क्रिस्टोफर नोलन द्वारा निर्देशित है, वैज्ञानिक जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर के जीवन और हिरोशिमा परमाणु हमले के प्रभावों को बारीकी से दर्शाती है। यह फिल्म परमाणु विज्ञान की शुरुआत, इसके खतरों और मनुष्य पर इसके प्रभावों को समझाने में मदद करती है।

इन फिल्मों के माध्यम से न केवल इतिहास को याद किया जाता है, बल्कि परमाणु युद्ध की भयानकता और शांति के महत्व को भी सामने रखा जाता है। हिरोशिमा दिवस पर इन्हें देखना एक सीख है कि हमें भविष्य में ऐसी त्रासदियों से कैसे बचना चाहिए।

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