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वाशिंगटन, एजेंसियां। प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया रिपोर्ट ने अमेरिका की वैश्विक छवि को लेकर बड़ा खुलासा किया है। 24 देशों में किए गए इस सर्वे से यह स्पष्ट हुआ है कि अमेरिका को एक ही देश के नागरिक भी अलग-अलग नजरिए से देखते हैं—कोई उसे भरोसेमंद साझेदार मानता है तो कोई उसे संभावित खतरे के रूप में देखता है। इस सर्वे में 12 देशों ने अमेरिका को अपना करीबी साझेदार माना, जिनमें इज़राइल सबसे ऊपर है, इसके बाद कनाडा, यूके, जापान और साउथ कोरिया का नाम आता है। भारत इस लिस्ट में 12वें स्थान पर है, जो दर्शाता है कि अभी भी एक बड़ा वर्ग अमेरिका को एक अहम रणनीतिक मित्र मानता है।
टैरिफ और राष्ट्रपति ट्रंप
हालांकि, यह भी देखा गया कि अमेरिका द्वारा हाल में लगाए गए टैरिफ और राष्ट्रपति ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति के चलते कई देशों में नाराजगी है। सर्वे में यह भी पाया गया कि भारत में सिर्फ 35% लोगों ने अमेरिका को समर्थन दिया, जबकि रूस को भारत का साझेदार मानने वाले लोगों की संख्या 19% ही थी।कुछ देशों जैसे कनाडा, मैक्सिको, अर्जेंटीना और ब्राजील के लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है—वो अमेरिका को एक ओर साझेदार मानते हैं और दूसरी ओर संभावित खतरा भी। वहीं यूरोप में रूस को सबसे बड़ा खतरा माना गया है, विशेषकर फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और स्वीडन जैसे देशों में।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बात करें
एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया के लोगों ने चीन को सबसे बड़ा खतरा बताया है। खास बात यह है कि दक्षिण कोरिया के लोग उत्तर कोरिया को नंबर एक और चीन को नंबर दो का खतरा मानते हैं।यह सर्वे दर्शाता है कि अमेरिका की भूमिका अब वैश्विक राजनीति में जितनी निर्णायक है, उतनी ही विवादास्पद भी बनती जा रही है।
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