Sheikh Hasina
ढाका, एजेंसियां। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग और जिंदा जलाकर हत्या के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना के विरोध में भारत के कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
किन किन शहरों में निकला विश्व हिंदू परिषद का रैली?
दिल्ली, भोपाल, हैदराबाद और अन्य शहरों में विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के पास भी विरोध प्रदर्शन हुआ।इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी देश में अल्पसंख्यकों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की हिंसा को भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति से जोड़कर देखा। वहीं, असम के मंत्री अशोक सिंघल ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने क्या कहा?
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी दीपू दास की हत्या पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए वह अंतिम सांस तक प्रयास करती रहेंगी।उधर, हिंसा के बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने साफ किया है कि देश में आम चुनाव तय समय पर, 12 फरवरी को ही कराए जाएंगे। हालांकि, लगातार बिगड़ते हालात ने चुनावी माहौल और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

