Russia Ukraine war cost
मास्को/ कीव, एजेंसियां। रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सभी बड़े सैन्य संघर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक अमेरिकी थिंक टैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध में तक दोनों देशों के करीब 20 लाख सैनिक मारे गए, घायल हुए या लापता हो चुके हैं। यह आंकड़ा आधुनिक इतिहास में किसी भी युद्ध से कहीं ज्यादा बताया जा रहा है।
अमेरिका के प्रतिष्ठित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध वर्ल्ड वॉर-2 के बाद सबसे खतरनाक और खूनखराबे वाला संघर्ष बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध में रूस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। रूसी सेना के कुल हताहतों की संख्या करीब 12 लाख तक पहुंच चुकी है, जिनमें लगभग 3.25 लाख सैनिकों की मौत हो चुकी है।
इतनी मौतों के बाद भी धीमी रही रूस की बढ़त
CSIS का कहना है कि इतनी भारी सैन्य क्षति के बावजूद रूस की जमीनी बढ़त बेहद सीमित रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी देश ने किसी एक युद्ध में इतने सैनिक नहीं गंवाए, फिर भी रूस को निर्णायक सफलता नहीं मिल पाई है। इसका मतलब है कि रिकॉर्ड स्तर का नुकसान झेलने के बाद भी युद्ध का परिणाम अब तक साफ नहीं हो सका है।
यूक्रेन की स्थिति भी बेहद गंभीर
रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2022 से दिसंबर 2025 तक यूक्रेन के 5 से 6 लाख सैनिक हताहत हुए हैं। इनमें 1 से 1.4 लाख सैनिकों की मौत मानी जा रही है। हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इससे कम आंकड़े बताए थे, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि असली संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। हजारों सैनिक लापता या युद्धबंदी भी हैं।
आम नागरिकों पर भी भारी असर
यह युद्ध सिर्फ सैनिकों तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में यूक्रेन में नागरिक मौतों की संख्या 2022 के बाद सबसे ज्यादा रही। अब तक करीब 15,000 नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की आशंका है।












