Occupied Kashmir militants:
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और देश के अन्य हिस्सों में आतंकी संगठनों की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ कमांडर मसूद इलयास कश्मीरी उर्फ अबू मोहम्मद ने रावलाकोट में आयोजित एक सार्वजनिक जमावड़े के दौरान कई विवादित दावे किए। इस कार्यक्रम में हथियारबंद आतंकियों की मौजूदगी भी बताई जा रही है, जिससे पाकिस्तान में आतंकवाद को लेकर सरकारी रुख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जैश-ए-मोहम्मद अपनी गतिविधियां जारी रखेगा
जमावड़े में दिए गए बयान में कमांडर ने कहा कि भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच हुई सैन्य तनाव की स्थिति को पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने धार्मिक युद्ध की संज्ञा दी थी। उसने यह भी दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद अपनी गतिविधियां जारी रखेगा, चाहे उसे सरकारी समर्थन मिले या नहीं।इसी कमांडर ने पहले यह भी कहा था कि मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर में जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के परिवार के सदस्य मारे गए थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार
रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह, सिंध और PoK सहित कई इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद ने रैलियां और रोड शो आयोजित किए। वहीं लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेताओं ने भी भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए।इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान में आतंकी हिंसा भी जारी है। हाल ही में एक शिया मस्जिद पर हुए हमले में कई लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद आलोचकों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आतंकी संगठनों के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-पाक संबंधों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।















