Pakistan vs Taliban: तालिबान से जंग क्यों लड़ना चाहता है पाकिस्तान? मुनीर आर्मी की खुल गई असली पोल

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Pakistan vs Taliban: काबुल/ इस्लामाबाद, एजेंसियां। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। तालिबान

Pakistan vs Taliban:

काबुल/ इस्लामाबाद, एजेंसियां। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। तालिबान सरकार ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर बयान दिया है। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद अब अमेरिका का “मोहरा” बन गया है और उसकी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर जंग की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मकसद बगराम एयरबेस पर कब्जा करवाना है, जो चीन के परमाणु ठिकाने से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

मुजाहिद ने खैबर टीवी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पार तनाव बढ़ा रहा है और बातचीत के बजाय युद्ध का माहौल बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की योजना है कि बगराम एयरबेस दोबारा उसके नियंत्रण में आ जाए। कतर के जरिए हुई मध्यस्थता असफल रही, जिसके बाद वॉशिंगटन ने पाकिस्तान की सेना से सीधा संपर्क साधा। रिपोर्टों के मुताबिक, जनरल मुनीर को दो बार व्हाइट हाउस बुलाया गया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई।

तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुताकी ने बताया कि पाकिस्तान सुरक्षा की गारंटी मांग रहा है, जबकि यह उसका खुद का काम है। “हम उसकी धरती की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते,” मुताकी ने कहा।

इस बीच, तुर्की और ईरान ने संभावित युद्ध को रोकने के लिए राजनयिक कोशिशें तेज कर दी हैं। इस्तांबुल में छह दौर की वार्ता के बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने अपने विदेश मंत्री को इस्लामाबाद भेजने का निर्णय लिया है, जो बाद में काबुल भी जाएंगे। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार से संपर्क साधा है।

क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद बढ़ा तो इसका असर चीन और ईरान की सुरक्षा नीति पर भी पड़ सकता है।

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