मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को नोबेल शांति पुरस्कार

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नई दिल्ली : वर्ष 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार जेल में बंद ईरान की मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को दिया गया है। मानवाधिकार के क्षेत्र में किए कामों के लिए 51 साल की नरगिस को 2011 के बाद से कई बार जेल हुई है। नरगिस को ये पुरस्कार ईरान में औरतों के हक और मानवाधिकार की रक्षा को लेकर किए कामों के चलते दिया गया है।

ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी की प्रमुख बेरिट रीस-एंडर्सन ने कहा, “ईरानी सरकार ने उन्हें 13 बार गिरफ़्तार किया, पांच बार दोषी ठहराया गया और 31 साल जेल की सज़ा सुनाई गई. अभी भी वो जेल में हैं।”नरगिस मोहम्मदी को शांति पुरस्कार देने का नोबेल कमेटी का ये फैसला देश में महिलाओं के शुरू किए गए आज़ादी के आंदोलनों के एक साल बाद आया है।

बीते साल सितम्बर 2022 में 22 साल की महशा अमीनी की मॉरल पुलिस की हिरासत में मौत के बाद ये आंदोलन शुरू हुए थे। जल्द ही पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन फैल गए और औरतों की आज़ादी से लेकर सत्ता पलटने तक की मांग सामने आई। महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से बाल कटवाए और हेड स्कार्फ़ की होली जलाई. प्रदर्शनकारियों ने “महिलाएं, ज़िंदगी, आज़ादी” के नारे लगाए।

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